Samastipur News:रोसड़ा के शिक्षक को मिला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान
Published by : PREM KUMAR Updated At : 15 Apr 2025 10:17 PM
रोसड़ा के कन्या विद्यालय लक्ष्मीपुर के नवाचारी शिक्षक राकेश कुमार को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने को लेकर पटना के बिहार विधान परिषद के उपभवन सभागार में टीएफएम राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया है.
Samastipur News:रोसड़ा : रोसड़ा के कन्या विद्यालय लक्ष्मीपुर के नवाचारी शिक्षक राकेश कुमार को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने को लेकर पटना के बिहार विधान परिषद के उपभवन सभागार में टीएफएम राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया है. बिहार सरकार के मंत्री कृष्ण कुमार मिंटू, महेश्वर हजारी, श्याम रजक, गणितज्ञ केसी सिन्हा, पटना लॉ कॉलेज के प्राचार्य वाणी भूषण, गुरु रहमान, डॉ आभा रानी के हाथों सम्मानित किया गया. शिक्षक की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए विद्यालय परिसर में भी सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया गया. वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय के लिए यह गौरव की बात है. मौके पर विद्यालय प्रधान महामाया चौधरी, रंजीत कुमार, जाहिदा प्रवीण एवं साक्षी आदि उपस्थित थे.
छात्राओं के लिए परेशानी, बिथान में डिग्री कॉलेज का अभाव
बिथान : प्रखंड शिक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. आजादी के 75 वर्षों बाद भी यहां एक भी डिग्री कॉलेज की स्थापना नहीं हो सकी है. इससे इलाके के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. प्रखंड में कुल 13 पंचायतें हैं. इसमें बड़ी संख्या में छात्र इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए मजबूरन रोसड़ा, समस्तीपुर या दरभंगा जैसे शहरों की ओर रुख करते हैं. रोजाना 50 से 70 किलोमीटर की दूरी तय कर छात्रों को कॉलेज जाना पड़ता है. इससे समय, धन और ऊर्जा की बड़ी बर्बादी होती है. यह स्थिति खासकर बेटियों के लिए अत्यंत चिंताजनक है. लंबी दूरी और परिवहन की असुविधा के कारण कई अभिभावक उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए भेजने से कतराते हैं. इससे छात्राओं की शिक्षा यहीं रुक जाती है. यह न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि क्षेत्र के विकास में भी एक बड़ी बाधा है. स्थानीय लोगों ने कई बार डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आवाज उठाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. सरकार को चाहिए कि बिथान जैसे पिछड़े क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराये ताकि ग्रामीण छात्र भी सपनों को पंख दे सकें. देश की मुख्यधारा से जुड़ सकें.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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