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Samastipur News:मैट्रिक व इंटर : परीक्षा देने छात्रों को 10 किमी से अधिक की दूर जाना होगा

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित होने वाले मैट्रिक व इंटर परीक्षा के लिए जिस तरह से केंद्रों का निर्धारण किया जा रहा है.

Samastipur News: समस्तीपुर : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित होने वाले मैट्रिक व इंटर परीक्षा के लिए जिस तरह से केंद्रों का निर्धारण किया जा रहा है. वह परीक्षार्थियों व अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बन गये हैं. जानकारी के मुताबिक जो केंद्र बनाये गये हैं वह जिला मुख्यालय से 10 से 12 किमी से अधिक है. लेकिन जिला प्रशासन से संबंधित पदाधिकारी छात्रहित में कोई कदम न उठाते हुए जिला शिक्षा विभाग से प्रस्तावित केंद्र को ही हरी झंडी दिखाते हुए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भेज देते हैं. इधर, मैट्रिक व इंटर के परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था करना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन गया है. क्योंकि प्रतिवर्ष छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ रही है. इसी तर्क के सहारे शिक्षा विभाग शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को भी शामिल किया है. इंटर की परीक्षा जिले के 79 केंद्रों पर होगी, इसमें 64355 परीक्षार्थी शामिल होंगे.

– जिले के 79 केंद्रों पर होगी इंटर की परीक्षा- 64355 परीक्षार्थी होंगे शामिल

विज्ञान संकाय में 33607, कला संकाय में 29971, वाणिज्य में 765 व वोकेशनल में 12 परीक्षार्थी है. समस्तीपुर अनुमंडल में पुरुष परीक्षार्थी के लिए 34 व महिला परीक्षार्थी के लिए समस्तीपुर अनुमंडल में 16, रोसड़ा में 14, दलसिंहसराय में 6 व पटोरी में 9 केंद्र बनाये गये हैं. इसी तरह मैट्रिक परीक्षा के सफल संचालन के लिए 78 केंद्र बनाये गये हैं. इन केंद्रों पर 73448 परीक्षार्थी मैट्रिक परीक्षा के लिए पंजीकृत है. अभिभावकों का कहना है कि जिला शिक्षा विभाग केंद्र निर्धारित करने में मनमानी कर रहा है. मैट्रिक व इंटरमीडिएट के परीक्षा केन्द्र बनाने में मानकों की अनदेखी की है. बहुत से स्कूलों के परीक्षार्थियों के परीक्षा केन्द्र 8 किमी. के मानक से अधिक दूर 18 किमी तक बना दिये हैं. परीक्षार्थियों को इन केन्द्रों तक पहुंचने के लिये सीधे साधन उपलब्ध नहीं हैं. साधन से जाने के लिये परीक्षार्थियों को कई बार वाहन बदलने पड़ेंगे. वहीं आर्थिक रूप से भी प्रताड़ित होना होगा.

डायट पूसा के व्याख्याता के पास उड़नदस्ता की कमान

जिले में दो फरवरी से इंटर एवं 17 फरवरी से शुरू होने वाली मैट्रिक की परीक्षा को कदाचारमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किये हैं. बोर्ड ने डीएम को प्रत्येक चार परीक्षा केंद्रों पर एक गश्ती दल की तैनात करने का निर्देश जारी किया है. परीक्षा समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्रों का वितरण गश्ती दंडाधिकारी की उपस्थिति में ही किया जायेगा. जिले में दोनो परीक्षाओं को लेकर सभी केंद्रों पर केंद्राधीक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अनुरोध पर उड़नदस्ता का गठन शिक्षा विभाग ने किया है. डायट पूसा के व्याख्याता सुरेश कुमार को उड़नदस्ता की कमान दी है. बोर्ड के निर्देश पर गश्ती दल के दंडाधिकारी के साथ केंद्र पर तैनात अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे. परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले प्रत्येक वीक्षक व कर्मी को रजिस्टर में अपना नाम और पता अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा. बिना पहचान दर्ज कराये किसी को भी केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जायेगी. वहीं, यहां सुरक्षा और निगरानी को लेकर तैयारी मजबूत दिख रही है, लेकिन संसाधनों की कमी परीक्षा व्यवस्था के लिए बडी चुनौती बनकर सामने आ रही है. जिले में मैट्रिक और इंटर परीक्षा को लेकर एक हजार से अधिक बेंच-डेस्क की मांग की गई है. केंद्राधीक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार आवासन तो कमरों की संख्या के अनुसार पूर्व में ही निर्धारित कर दिया गया है, लेकिन भौतिक सत्यापन के दौरान कई केंद्रों पर बेंच-डेस्क की भारी कमी पाई गई. खासकर निजी विद्यालयों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर स्थिति ज्यादा गंभीर है. एक ओर जहां परीक्षा की निगरानी और सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी संसाधनों की कमी परेशानी खड़ी कर सकती है.

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