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अपार आइडी बनाने में शिथिलता बरतने पर दस बीइओ से शोकॉज

Updated at : 05 Jan 2025 11:56 PM (IST)
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अपार आइडी बनाने में शिथिलता बरतने पर दस बीइओ से शोकॉज

अपार आइडी बनाने में शिथिलता बरतने पर दस प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से शोकॉज पूछा गया है.

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समस्तीपुर: अपार आइडी बनाने में शिथिलता बरतने पर दस प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से शोकॉज पूछा गया है. जिन प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से शोकॉज पूछा गया है, उसमें समस्तीपुर, कल्याणपुर, उजियारपुर, हसनपुर, सरायरंजन, रोसड़ा, पटोरी, मोरवा, विद्यापतिनगर व सिंघिया प्रखंड शामिल हैं. डीपीओ एसएसए मानवेंद्र कुमार राय ने बताया कि सभी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का अपार आईडी बनाना अनिवार्य है. यह भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है. बताया कि जिले में अपार आईडी बनाने की गति धीमी यानी 45.10 फीसदी से कम होने के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण मांगा है. साथ बीईओ, प्रखंड परियोजना प्रबंधक, लेखा सहायक सह डाटा इंट्री ऑपरेटर व डाटा इंट्री ऑपरेटर को 7 जनवरी तक शत-प्रतिशत पूर्ण कराने का निदेश दिया गया है. अन्यथा की स्थिति में निर्धारित तिथि के बाद प्रत्येक दिन कार्य पूर्ण होने की तिथि तक वेतन कटौती भी की जाएगी. बताते चले कि जिले के 3496 विद्यालयों में नामांकित 761873 छात्रों के विरूद्ध दो जनवरी तक 343605 छात्रों का ही अपार आइडी जेनरेट हो सका है. सभी निजी विद्यालयों के व्यवस्थापक या प्राचार्य को प्राथमिकता के आधार पर अपार का कार्य पूर्ण कराने हेतु निदेशित किया गया है. डीपीओ ने सख्त लहजे में कहा कि इस कार्य में शिथिलता बरतने वाले निजी विद्यालयों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ-साथ सीबीएसइ बोर्ड को भी सूचित करने की चेतावनी दी गई है. साथ ही डीपीओ ने बताया कि सरकारी विद्यालयों द्वारा इस कार्य में प्रगति लाने हेतु सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आदेशित किया गया है. छात्रों का अपार आईडी कार्ड बनाने में जिला की स्थिति निराशाजनक है. इसमें हेडमास्टर के साथ साथ अभिभावकों की भी उदासीनता प्रमुख कारण है. वही एचएम का कहना है कि सर्वर की गड़बड़ी और नेट स्लो होने की वजह से भी बच्चों का अपार आईडी बनाने में परेशानी हो रही है. इसे लेकर शिक्षक काफी परेशान हैं. कई शिक्षकों ने तो बताया कि उन्हें इसके लिए विधिवत रूप से ट्रेनिंग देनी चाहिए. केवल आदेश जारी करने और वेतन कटौती कर देने से काम नहीं हो जाता है. यू-डायस पोर्टल पर बच्चों का अपार आईडी बन रहा है. इसे बनाने में माता-पिता या अभिभावक का आधार नंबर जरूरी है. साथ ही बच्चों का उनके आधार के अनुसार ही नाम और जन्म तिथि यू-डायस पोर्टल पर होना चाहिए. लेकिन, कई बच्चों के नाम में त्रुटि होने के कारण इसे बनाने में दिक्कत हो रही है. कई बच्चों का तो यू-डायस पोर्टल पर नाम ही नहीं है. बच्चों के नाम व जन्म तिथि आदि सुधारने का कोई ऑप्शन नहीं है. हालांकि, एक फॉर्म मुहैया कराया गया है. जिसे भरकर देने पर जिला से सुधार होगा. तब तक उन बच्चों का अपार आईडी नहीं बनेगा, जिनके प्रोफाइल विवरण में कुछ न कुछ त्रुटि है. कक्षा 1 को छोड़कर किसी अन्य कक्षा में नामांकन कराए बच्चों का नाम जुड़ भी नहीं पा रहा है. इससे उन बच्चों का अपार नहीं बन सकता. दूसरे जगह के ड्रॉप आउट बच्चों को यू-डायस पोर्टल पर इम्पोर्ट भी शिक्षक नहीं कर पा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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