Samastipur News: कृषि क्षेत्र में एआई और डिजिटल तकनीक का समन्वय जरूरी, कुलपति ने छात्रों को सराहा

राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा
Samastipur News:पूसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्वोदय कृषि संगम में बागवानी मिशन के आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने वैल्यू एडेड उत्पादों के निर्यात और डिजिटल कृषि पर जोर दिया. देश में वर्तमान में 370 मिलियन टन खाद्यान्न का उत्पादन हो रहा है. जानिए खबर विस्तार से…
Samastipur News: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय ‘पूर्वोदय कृषि संगम’ सम्मेलन का समापन विजेताओं के बीच प्रमाणपत्र वितरण के साथ हुआ. समापन समारोह में मुख्य अतिथि भारत सरकार के बागवानी मिशन के आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि आज वैश्विक बाजार को देखते हुए विदेशों में वैल्यू एडेड प्रोडक्ट (मूल्य संवर्धित उत्पाद) भेजने की सख्त जरूरत है.
देश में रिकॉर्ड 370 मिलियन टन खाद्यान्न का उत्पादन
डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि देश की 1.40 करोड़ से अधिक की आबादी होने के बावजूद आज भारत में भरपूर खाद्यान्न उपलब्ध है. वर्तमान में देश में 370 मिलियन टन खाद्यान्न का उत्पादन हो रहा है, जिससे भारत पूरी तरह आत्मनिर्भर और निर्यातक देश बना हुआ है. उन्होंने कृषि छात्रों से मौसम एप से सीखने और डिजिटल स्क्रीन टाइम कम कर क्रिएटिव बनने का आग्रह किया, जिससे नॉलेज इकोनॉमी को बढ़ावा मिल सके.
एआई और डिजिटल कृषि में समन्वय स्थापित करने की जरूरत
इस अवसर पर कुलपति डॉ. पीएस पांडे ने कहा कि कृषि पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं देश के भविष्य हैं. आज के समय में सर्कुलर इकोनॉमी, वेस्ट टू वेल्थ, एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डिजिटल कृषि के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना बेहद जरूरी हो गया है. कार्यक्रम को एबीवीपी के अमन कुमार, विक्रम सिंह और डॉ. यज्ञबल शुक्ला ने भी संबोधित किया. इस दौरान कई वैज्ञानिक और छात्र मौजूद थे.
समस्तीपुर के पूसा से सुभाष कुमार की रिपोर्ट
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