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Samastipur News:रिटायर्ड कॉलेज शिक्षक विश्वविद्यालय पर देंगे धरना

Updated at : 30 Nov 2025 6:31 PM (IST)
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Samastipur News:रिटायर्ड कॉलेज शिक्षक विश्वविद्यालय पर देंगे धरना

लित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय पेंशनधारी शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पेंशनधारी शिक्षकों की उपेक्षा का तीव्र विरोध करने का निर्णय लिया है.

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Samastipur News:समस्तीपुर : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय पेंशनधारी शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पेंशनधारी शिक्षकों की उपेक्षा का तीव्र विरोध करने का निर्णय लिया है. सेवानिवृत शिक्षकों को वर्षों से उनके बकाया राशि का भुगतान नहीं किये जाने के कारण उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया है. संघ के समस्तीपुर जिला संयोजक डॉ प्रभात कुमार व क्षेत्रीय पदाधिकारी प्रो निर्मल सिंह ने बताया कि समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी एवं बेगूसराय जिला के सेवानिवृत शिक्षक आगामी 8 दिसंबर को वर्षों से लंबित महंगाई भत्ता की राशि, इंश्योरेंस की राशि, हड़ताल पीरियड की राशि सहित अन्य मांगों के साथ धरना कार्यक्रम में भाग लेंगे. पारिवारिक पेंशन पाने वाले दिवंगत शिक्षकों के परिवारों की समस्याओं को भी इस अवसर पर उठाया जायेगा. साथ ही कुछ ऐसे शिक्षकों का भी मामला उठाया जायेगा जिन्हें पेंशन से वंचित रखा जा रहा है. शिक्षकों ने बताया कि पहले भी वे आंदोलनरत हुए थे और एक डेलिगेशन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति से मिला भी था लेकिन कुलपति ने उस अवसर पर दिये गये आश्वासनों को ठंडा बस्ता में डाल दिया. इधर, 25 नवंबर को संघ के संयोजक प्रो अमरेश शांडिल्य के नेतृत्व में तीन सदस्यीय डेलिगेशन कुलपति से मिला. अपनी मांगे दोहराई. लेकिन कुलपति ने लंबित राशियों के भुगतान के लिए कोई आश्वासन भी नहीं दिया. ऐसी स्थिति में आंदोलन ही एकमात्र विकल्प रह जाता है. कई सेवानिवृत शिक्षकों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शिक्षकों को अपनी बकाया राशि के लिए पटना उच्च न्यायालय की शरण लेने के लिए मजबूर किया जाता है. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को भी विश्वविद्यालय की कार्य-प्रणाली की सही समीक्षा करनी चाहिए. साथ ही कहा कि कुलाधिपति के कार्यालय का भी ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पेंशनधारी शिक्षकों के मामले में हस्तक्षेप आवश्यक है. डॉ दशरथ तिवारी, डॉ शारदा सिन्हा, प्रो शिउली भट्टाचार्य, डॉ एस एन तिवारी, डॉ मदन मोहन झा सहित कई सेवानिवृत्त शिक्षकों ने कहा कि 40 वर्षों की उनकी सेवा को भुलाकर अगर विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हें उनके हक के पैसे नहीं देता है तो उनके लिए आंदोलन आवश्यक हो जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Ankur kumar

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By Ankur kumar

Ankur kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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