बच्चों की सेहत को लेकर बड़ा फैसला, बरसात में स्कूलों के भोजन से हटेंगी ये सब्जियां
प्रतीकात्मक तस्वीर
बरसात के मौसम में सरकारी स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब मानसून के दौरान बैंगन, भिंडी, साग और पत्ता गोभी जैसी सब्जियों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
Mid-Day Meal Rules: बरसात के मौसम में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. पीएम पोषण योजना (मध्याह्न भोजन योजना) के तहत अब मानसून के दौरान स्कूलों में बनने वाले भोजन में बैंगन, भिंडी, सभी प्रकार के साग और पत्ता गोभी का उपयोग नहीं किया जाएगा.
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शिक्षा विभाग का कहना है कि बरसात के मौसम में इन सब्जियों में बैक्टीरिया और कीटाणु पनपने की आशंका अधिक रहती है. इसलिए इनके स्थान पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजी और सुरक्षित हरी सब्जियों का उपयोग किया जाएगा.
बच्चों को भोजन देने से पहले शिक्षक करेंगे जांच
मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र के निर्देश पर जिले के पीएम पोषण योजना के डीपीओ प्रेम शंकर झा ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ), प्रखंड साधनसेवियों और प्रधानाध्यापकों को 10 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
नए आदेश के अनुसार अब रसोइया, प्रधानाध्यापक या किसी शिक्षक द्वारा पहले भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी, उसके बाद ही बच्चों को भोजन परोसा जाएगा.
बरसात के लिए जारी किए गए प्रमुख निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को निम्नलिखित निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करने को कहा है—
- बरसात के मौसम में बैंगन, भिंडी, सभी प्रकार के साग और पत्ता गोभी का उपयोग नहीं किया जाएगा.
- चावल, दाल, तेल, मसाला, सोयाबीन और लाल चना जैसी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के बाद ही रसोई में इस्तेमाल होगी.
- पैकेटबंद खाद्य सामग्री का उपयोग करने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट देखना अनिवार्य होगा.
- भोजन परोसने से पहले सभी बच्चों को साबुन से हाथ धुलवाना होगा.
- विद्यालय परिसर, रसोईघर, शौचालय, चापाकल और नल की नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी.
- कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था करनी होगी.
- निरीक्षण के दौरान अधिकारी रसोईघर और भंडार गृह की स्वच्छता की विशेष जांच करेंगे.
- बर्तन, थालियां और गिलास अच्छी तरह साफ करने के बाद ही उपयोग किए जाएंगे.
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
डीपीओ प्रेम शंकर झा ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है. बरसात के दौरान जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय आदेश की प्रति सभी संबंधित अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को भेज दी गई है. यदि किसी विद्यालय में निर्देशों की अनदेखी की जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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