Samastipur News:समस्तीपुर : कुश्ती हमारी परंपरा से जुड़ा है. इससे सिर्फ न शारीरिक सौष्ठव का विकास होता है बल्कि मानसिक विकास के साथ आत्मविश्वास में वृद्धि होती है.कुश्ती की पारंपरिक कला को सहेजने के लिए वर्तमान परिवेश में युवाओं को आगे आने की जरूरत है.यह बातें बुधवार को टांडा में आयोजित दंगल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले के बाद पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वयोवृद्ध पहलवान राम बाबू राय ने कही.कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया विनोद राय ने की.
मकर संक्रांति के मौके पर आयोजन
प्रतियोगिता का आयोजन मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में किया गया. दंगल प्रतियोगिता में पहलवानों ने दांव पेंच व दमखम दिखाकर कुश्ती प्रेमियों को रोमांचित कर दिया. सीताराम , पशुपति हेमन ,सुनील,बलिंद्र ,हीरा सहित तीन दर्जन से ज्यादा पहलवानों ने पारंपरिक कुश्ती कला का शानदार नमूना प्रस्तुत कर गुम होती जा रही इस कला को जीवंतता प्रदान की. फाइनल मुकाबला कांचा के राम उदगार पहलवान व समसीपुर के रामबली पहलवान के बीच खेला गया. जिसमें राम उदगार पहलवान विजेता बने. निर्णायक की भूमिका शिबू राय एवं हीरा राय ने निभाई.समिति की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी पहलवानों को नकद राशि, प्रशस्ति पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर भाजपा नेता धर्मवीर कुंवर, मंटू राय, ऋतुराज कुमार, उमाशंकर राय, मुगल राय, मुकेश राय सहित बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी मौजूद थे.
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