Samastipur News:स्नातक उत्तीर्ण छात्रों के लिए पीजी में नहीं बढ़ी सीट

Edited by Ankur kumar
Updated:
विज्ञापन

समाज में जागरूकता आ रही है. हर कोई अपने बच्चे को शिक्षित करना चाहता है. ऐसे में उनके लिए कॉलेजों के साथ-साथ उसके पढ़ाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए.

विज्ञापन

Samastipur News:समस्तीपुर : समाज में जागरूकता आ रही है. हर कोई अपने बच्चे को शिक्षित करना चाहता है. ऐसे में उनके लिए कॉलेजों के साथ-साथ उसके पढ़ाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए. हर साल बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्नातक उत्तीर्ण होते हैं. लेकिन काफी कम संख्या में पीजी में छात्रों का नामांकन हो पाता है. इसका कारण यह है कि पीजी में यहां जिन विषयों की पढ़ाई होती है, उनमें काफी कम सीटें हैं. सीट वृद्धि के लिए छात्र संगठनों की ओर से वर्षों से मांग की जा रही है. इसके बावजूद अब तक पीजी में सीटों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई है. लिहाजा बड़ी संख्या में आवेदन करने वाले छात्र पीजी में नामांकन नहीं ले पाते हैं. इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं है. छात्र संगठनों के द्वारा लगातार दबाव बनाये जाने पर विवि की ओर से सीट वृद्धि संबंधी पत्र राज्य सरकार को भेज दिया जाता है. लेकिन उस पर क्या अमल हो रहा है, इसकी कोई सुधि लेने वाला नहीं है. विदित हो कि विश्वविद्यालय के सीनेट और सिंडिकेट में कई सांसद, एमएलसी, एमएलए, मंत्री सदस्य के रूप में हैं. इसके बावजूद छात्रों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है. विश्वविद्यालय में सीट बढ़ाने के साथ ही बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए जनप्रतिनिधियों और विश्वविद्यालय प्रशासन को आगे आना होगा. छात्र नेता मुलायम सिंह यादव ने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को सबसे पहले बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देना चाहिए. ताकि नामांकन सिर्फ डिग्री लेने के लिए नहीं हो, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके. उन्होंने कहा कि हर बार विश्वविद्यालय प्रशासन पत्र लिखने का बहाना बनाकर मामले को टाल देता है, स्थानीय छात्र हर साल पीजी करने से हर साल वंचित रह जाते हैं. उच्च शिक्षा पाने के लिए आज भी हजारों युवाओं को इधर-उधर भटकना पड़ता है. छात्रों की अधिक संख्या को देखते हुए सीटें बढ़ानी चाहिए. साथ ही नये विषयों की पीजी की पढ़ाई की भी अनुमति मिलनी चाहिए. ताकि, अधिक से अधिक छात्र उच्च शिक्षा पा सकें. छात्र संगठनों का कहना है कि जिले के तीन कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई होती है जिसमें मात्र एक समस्तीपुर कॉलेज समस्तीपुर में 11 विषयों में, बीआरबी कॉलेज और आरबी कॉलेज दलसिंहसराय में मात्र पांच व चार विषयों से पीजी की पढ़ाई होती है. आरबी कॉलेज दलसिंहसराय में चार अन्य विषयों एवं एएनडी कॉलेज पटोरी में चार विषयों से पीजी की पढ़ाई की मूलभूत सुविधा की जांच और स्वीकृति के बावजूद इस वर्ष पीजी की पढ़ाई की स्वीकृति नहीं मिल पाई है. जिससे छात्रों और बुद्धिजीवियों में आक्रोश व्याप्त है. समस्तीपुर काॅलेज समस्तीपुर में 1080 सीटें, बीआरबी कॉलेज समस्तीपुर में 500 व आरबी काॅलेज दलसिंहसराय में मात्र 480 सीट यानी कुल 2060 सीटों पर पीजी की पढ़ाई पर होती है.मिली जानकारी के अनुसार स्नातक में नामांकन लेने के इच्छुक छात्रों का भी कुछ यही हाल है. लनामिविवि के 43 अंगीभूत सहित 37 संबद्ध यानी 80 कॉलेजों में संचालित 37 विषयों में निर्धारित तीन लाख 11 हजार 289 सीट के विरुद्ध नामांकन के लिए करीब दो लाख आवेदन प्राप्त हो रहे है. जानकारी के अनुसार स्नातक स्तर पर नामांकन के लिये सबसे ज्यादा शुल्क सहित आवेदन सत्र 2023-27 में (करीब दो लाख) प्राप्त हुआ था. सत्र 2024-28 में यह घट कर 1.75 लाख हो गया. काॅलेजों की व्यवस्था को देखकर छात्र छात्राएं अन्य राज्यों में पलायन कर रहे हैं.

इनसेट:::::::::::::::::

पीजी में विषयवार सीटों की संख्यों

गणित 696

हिंदी 1080भौतिकी 576इतिहास 1320रसायन 720समाज शास्त्र 240वनस्पति विज्ञान 576अर्थशास्त्र 1080जंतु विज्ञान 792मैथिली 360वाणिज्य 1200उर्दू 600संगीत 120संस्कृत 360गृह विज्ञान 120एआइएच 360मनोविज्ञान 1080दर्शन शास्त्र 360भूगोल 480गणित कला 60अंग्रेजी 960नाटक 120राजनीति शास्त्र 1080

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Ankur kumar

लेखक के बारे में

By Ankur kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन