ePaper

Samastipur News:बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में अब मां-बाप का फीडबैक भी होगा शामिल

Updated at : 05 Jun 2025 5:10 PM (IST)
विज्ञापन
Samastipur News:बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में अब मां-बाप का फीडबैक भी होगा शामिल

सीबीएसई ने 10वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के बाद, छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों से प्रतिक्रियाएं मांगी हैं.

विज्ञापन

Samastipur News:समस्तीपुर : सीबीएसई ने 10वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के बाद, छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों से प्रतिक्रियाएं मांगी हैं. यह प्रतिक्रिया प्रक्रिया भविष्य में परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करेगी. वहीं बच्चों के रिपोर्ट कार्ड में अब मां-बाप का फीडबैक भी शामिल होगा. बच्चों के संपूर्ण विकास की जिम्मेदारी साझा तौर पर शिक्षक और अभिभावक निभायेंगे. सिर्फ यह कहने से काम नहीं चलेगा कि बच्चा पढ़ने में अच्छा या खराब है. इसके लिए सबूत भी रखने होंगे. ओवरऑल बच्चे में पूरी समझ पैदा करने और उसे परफेक्ट बनाने की जिम्मेदारी होगी, ताकि आगे की कक्षाओं में वह बेहतर प्रदर्शन कर सकें. शहर के सेंट्रल पब्लिक स्कूल के निदेशक मो. आरिफ ने बताया कि नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत अब मूल्यांकन के नए पैटर्न को इस सत्र से लागू किया जाना है. इसके लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण और उनके लिए गाइड बुक्स तैयार की गई है. बताया गया कि उन्हें कैसे सिलेबस तैयार करना है और उसके अनुसार बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए कैसे काम करना है. समग्र प्रगति कार्ड (होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड) तैयार करना है.

– फाउंडेशनल स्टेज पर दो प्रोटोटाइप किये गये विकसित

फाउंडेशनल स्टेज पर दो प्रोटोटाइप विकसित किये गये हैं. समग्र प्रगति कार्ड फाउंडेशनल स्टेज (आयु समूह 03 से 06 वर्ष) और समग्र प्रगति कार्ड ग्रेड एक और दो. यह कार्ड आयु निर्दिष्ट दक्षता पर ध्यान देने के साथ नियमित और रचनात्मक तरीके से बच्चे की प्रगति का दस्तावेजीकरण करने में मदद करेगा. कार्ड में बच्चे, उसके साथियों के साथ-साथ उसके माता-पिता से मिलने वाला इनपुट भी शामिल होगा. इससे बच्चे का 360 डिग्री मूल्यांकन हो सकेगा. बोर्ड ने सामान्य तौर पर ग्रेड 01 और 02 के लिए शिक्षक गाइड लाइन जारी की है. बताया गया कि शिक्षक का रोल क्या होगा. उसे कैसे सिलेबस के साथ व्यक्तिगत रूप से उस पर ध्यान देना है. उसके अंदर व्यक्तित्व विकास के साथ पढ़ने, लिखने और बोलने की स्किल भी शामिल की जायेगी. विदेश की तरह न्यूमेरेसी (आंकिक ज्ञान) पर भी अधिक ध्यान दिया जायेगा. इससे भाषा के स्तर पर और मैथ्स में बच्चा शुरुआत से बेहतर परफॉर्मर बन सकेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Ankur kumar

लेखक के बारे में

By Ankur kumar

Ankur kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन