Bihar/Samastipur News: समस्तीपुर. शहर में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है. श्रम संसाधन विभाग के 11 सदस्यीय धावा दल ने शहर के आसपास के वर्कशॉप में छापेमारी कर तीन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है. इस कार्रवाई से इलाके के नियोजकों में हड़कंप मच गया है. विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों से मजदूरी कराने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. कार्रवाई के बाद समस्तीपुर जिले में बाल श्रम करानेवाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है.
इन वर्कशॉप पर हुई कार्रवाई
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुबोध कुमार मिश्रा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में निम्नलिखित संस्थानों के मालिकों को नामजद आरोपी बनाया गया है:केजीएन मोटर गैरेज (मोहनपुर वार्ड 43): मालिक मो. हारुण.लक्ष्मी बुलेट शॉप: मालिक सूरज कुमार.अब्दुल होण्डा एवं हीरो वर्कशॉप: मालिक अब्दुल सहमत.कानूनी कार्रवाई और पुनर्वास
विमुक्त कराए गए तीनों बच्चों को तत्काल बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया है, जहाँ से उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं, मुफस्सिल थाना में ”बाल एवं किशोर (प्रतिषेध विनियमन) अधिनियम 1986” की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है. “बाल श्रम किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है. दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज होगा. ” —
श्रम संसाधन विभाग
टीम में शामिल थे 11 अधिकारी
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिले के विभिन्न प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों की टीम बनाई गई थी. इसमें सरायरंजन, पटोरी, विभूतिपुर, ताजपुर, वारिसनगर, उजियारपुर, दलसिंहसराय, हसनपुर और रोसड़ा के अधिकारी शामिल थे. साथ ही एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) के प्रतिनिधियों ने भी इसमें सहयोग किया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

