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samastipur : वर्षा की संभावना को देखते हुये किसान धान का बीज नर्सरी में गिरायें

Updated at : 18 Jun 2025 6:05 PM (IST)
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samastipur : वर्षा की संभावना को देखते हुये किसान धान का बीज नर्सरी में गिरायें

डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के द्वारा वर्षा की संभावना को देखते हुये समसमायिक सुझाव जारी किया गया है.

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समस्तीपुर. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के द्वारा वर्षा की संभावना को देखते हुये समसमायिक सुझाव जारी किया गया है. विदित हो कि बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून का प्रवेश हो चुका है. अनुकूल मौसमीय परिस्थियां के कारण जिले में अच्छी बारिश के आसार दिख रहे हैं. सुझाव में कहा गया है कि किसान धान का बीज नर्सरी में प्राथमिकता से गिरायें. मध्यम अवधि के लिए संतोष, सीता, सरोज, राजश्री, प्रभात, राजेन्द्र सुवासनी, राजेन्द्र कस्तुरी, राजेन्द्र भगवती, कामिनी, सुगंधा किस्में अनुशंसित है. एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपाई हेतु 800-1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बीज गिरावें. नर्सरी में क्यारी की चौड़ाई 1.25 से 1.5 मीटर तथा लम्बाई सुविधानुसार रखें. बीज को बविस्टिन 2 ग्राम प्रति किलोग्राम की दर से मिलाकर बीजोपचार करें. 10 से 12 दिनों के बिचडे वाली नर्सरी से खर-पतवार निकालें. धान की पौधशाला में पौधों की ऊपरी पतियों पीली और नीचे की पतियों हरी हो तो यह लौह तत्व की कमी का लक्षण है. इसके निदान के लिए 0.5 प्रतिशत फेरस सल्फेट 0.25 प्रतिशत चुने के घोल का छिड़काव करें. पौधशाला में ब्लास्ट तथा भूरा धब्बा रोग का लक्षण दिखने पर बविस्टिन 2 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल कर आसमान साफ रहने पर छिडकाव करें.ऊंचास जमीन में धान की सीधी बोआई के लिये राजेन्द्र नीलम, वंदना, राजेन्द्र भगवती किस्म अनुशंसित है. दूसरी ओर खरीफ मक्का की अनुशंसित किस्में सुआन, देवकी, शक्तिमान-1. शक्तिमान-2, राजेन्द्र संकर मक्का-3, गंगा-11 की बोआई करें. बीज दर 20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रखें. पिछात गरमा मक्का में कीट व्याधि की निगरानी करें. खरीफ प्याज की नर्सरी (बीजस्थली) में किसान प्याज का बीज गिरायें. एन०-53, एग्रौफाउण्ड डीक रेड, अकी कल्याण, भीमा सुपर खरीफ प्याज के लिए अनुशंस्ति किस्में है. बीज गिराने के पूर्व बीज को केप्टन या थीरम प्रति 2 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से मिलाकर बीजोपचार कर लें. बीज की दर 8-10 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रखें. पौधशाला को तेज धूप से बचाने के लिए 40 प्रतिशत छायादार नेट से 6-7 फीट की ऊंचाई पर ढ़क सकते हैं. प्याज के स्वस्थ पौध के लिए पौधशाला से नियमित रूप से खरपतवार को निकालते रहें. बरसाती सब्जियों भिंडी, लौकी, नेनुआ, करैला, खीरा की बोआई के लिए खेत की तैयारी करें. खेत की जुताई में गोबर की खाद व कम्पोस्ट का अधिक से अधिक प्रयोग करें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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