डीएम कार्रवाई पर करें पुनर्विचार, नहीं तो संघ करेगा आंदोलन

Updated at : 08 Jun 2024 11:07 PM (IST)
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डीएम कार्रवाई पर करें पुनर्विचार, नहीं तो संघ करेगा आंदोलन

बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला शाखा की सामान्य परिषद की बैठक हुई. अध्यक्षता शांतिभूषण ने की. बैठक में निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश पर जिलाधिकारी पुनर्विचार करें.

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समस्तीपुर : बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला शाखा की सामान्य परिषद की बैठक हुई. अध्यक्षता शांतिभूषण ने की. बैठक में निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश पर जिलाधिकारी पुनर्विचार करें. पुनर्विचार नहीं किये जाने पर संघ आंदोलन करने को विवश होगा. सोमवार सिविल सर्जन से मिलकर संगठन प्रतिवाद पत्र देगा. 11 और 12 जून को काला बिल्ला लगाकर काम करेगा. 14 जून को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित सभी विभागों के संगठनों की बैठक में मेमोरेंडम दिया जायेगा. अध्यक्ष के अनुरोध पर जिला मंत्री राजीव रंजन ने विस्तार से अपनी बातों को रखते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में पिछली बैठक से लेकर अबतक कई तरह की समस्याएं आयी. लोकसभा चुनाव में कर्मियों के व्यस्तता रहने के कारण समय पर बैठक नहीं बुलायी गयी. इस बीच संविदा पर बहाली की घटना हुई और मामला प्रकाश में आया. स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर की गयी नियुक्ति रद्द कर दी गयी. चिकित्सा संघ किसी भी गलत कार्य का विरोध करता रहा है. संगठन से समझा की मामला समाप्त हो गया है. कर्मचारियों से स्पष्टीकरण पूछ लिया गया है. सारी बातें समाप्त हो चुकी है. लेकिन, जिलाधिकारी के द्वारा सीएस को आदेश दिया गया कि संबंधित कर्मी निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई चलायी जाये. जबकि सभी अभिलेखों, आदेशों को देखते हुए लगता है कि जानबूझकर कर्मचारी को फंसाने की साजिश की गयी है. पत्र के अवलोकन से स्पष्ट है कि लिपिक के द्वारा संचिता 30 जनवरी, 2024 को उपस्थापित किया गया. जबकि निदेशक प्रमुख के द्वारा 19 फरवरी को आदेश आया कि राज्य संवर्ग के कर्मियों को जिला स्तर से नियोजन नहीं किया जाना है. जिलाधिकारी के पत्र में निर्देशक प्रमुख के पत्र का जिक्र किया है उसमें निदेशक प्रमुख के द्वारा निर्गत तिथि को छुपाया गया है. दूसरी ओर सीएस के स्पष्टीकरण में यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य संवर्ग की सूचना जून 2023 में ही दे दी गयी है. सामान्य प्रशासनिक विभाग के पत्रांक 10000 दिनांक 10 जुलाई 2015 में स्पष्ट आदेश है कि संविदा पर बहाल करने वाली कमेटी में संबंधित विभाग के पदाधिकारी भी सदस्य होंगे. लेकिन, जिला प्रशासन के द्वारा सिविल सर्जन को उक्त बैठक में नहीं बुलाया. बैठक में सिविल सर्जन होते तो इस तरह की घटना नहीं होती. बैठक में प्रखंडों का सम्मेलन करने, सदस्यता अभियान चलाने तथा संगठन की मजबूती के लिए प्रखंडों का दौरा करने का निर्णय लिया गया. बैठक में महासंघ के पूर्व राज्याध्यक्ष लक्ष्मीकांत झा, रामकुमार झा, रामसेवक महतो, दीपक कुमार सिंह, सौचेन्द्र सिंह, रामसेवक चौधरी,शैलेन्द्र कुमार, महासंघ के जिला संघर्ष मंत्री अमित कुमार, राकेश रोशन, अंबुज कुमार, धर्मेन्द्र कुमार मुन्ना, कुणाल, संजू कुमारी, प्रतिभा कुमारी बिन्दु कुमारी सिंह, संयुक्ता कुमारी, उत्कर्ष, मंजू कुमारी, प्रेमा कुमारी, पूजा भारती, मिनु कुमारी आदि मौजूद थी.

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