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स्वतंत्रता, समानता, न्याय व बंधुत्व आधारित व्यवस्था बाबा साहेब के अनवरत संघर्ष का परिणाम : प्रो. कुशेश्वर

Updated at : 06 Dec 2024 10:32 PM (IST)
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स्वतंत्रता, समानता, न्याय व बंधुत्व आधारित व्यवस्था बाबा साहेब के अनवरत संघर्ष का परिणाम : प्रो. कुशेश्वर

डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर "वर्तमान समय में डॉ. बीआर आंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता " विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी की गयी.

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समस्तीपुर : जीएमआरडी कॉलेज मोहनपुर के गोल्डन जुबली सभागार में राजनीति विज्ञान विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर “वर्तमान समय में डॉ. बीआर आंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता ” विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी की गयी. शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित किया. अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो. कुशेश्वर यादव ने की. प्रो. यादव ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर, जिन्हें हम बाबा साहेब के नाम से जानते हैं, ने अपने जीवन में सामाजिक समानता, शिक्षा और स्वतंत्रता के लिए अनगिनत संघर्ष किये. उन्होंने भारतीय संविधान के माध्यम से हमें समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय का उपहार दिया. उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिश्रम और सच्ची लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है. डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि बाबा साहब ने देश की संविधानिक रूप देने और मजबूत बनाने में उनका बहुमूल्य योगदान रहा. सुनील कुमार पासवान ने कहा कि आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान हमें जीने अवसर प्रदान करता है. अभय कुमार ने कहा कि बाबा साहब ने महिलाओं को मातृत्व अवकाश दिलाने में अहम भूमिका निभायी. डॉ. महेश्वर कुमार चौधरी ने मुख्य रूप उनके सिद्धांत शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो पर प्रकाश डाला. डॉ. मुकेश कुमार राम ने कहा कि आंबेडकर महान शिक्षाविद, न्यायविद व समाज सुधारक के रूप दलित, वंचित व महिलाओं को समाज के मुख्य धारा में लाने का भरपूर प्रयास किया. डॉ. दिनेश प्रसाद, राहुल कुमार, अवंतिका सिंह ने कहा बाबा साहब ने मानव अधिकारों,समाज उत्थान व समतामूलक समाज के लिए क्रान्तिकारी कार्य किये. पल्लवी सिंह ने बाबा साहब के बारे में कहा वे भारतवर्ष के प्रथम व्यक्ति थे, जो उच्च शिक्षा में अग्रणी थे और उन्हें अपने जीवन में काफी कठोर संघर्ष करना पड़ा. श्रेया झा ने कहा कि डॉ भीमराव भारत के शक्तिशाली इच्छाशक्ति के व्यक्तित्व थे. अर्चना कुमारी ने बाबा को कविता के माध्यम से श्रद्धांजलि सुमन अर्पित की .सोनू कुमार, प्रीति कुमारी, करीना कुमारी, मुस्कान कुमारी, डॉ. सूर्य प्रताप, डॉ. जितेन्द्र पांडेय, डॉ. चन्दन कुमार सिन्हा, चन्दन, विश्वजीत, संजय, ब्रिजेश, राघवेंद्र ने कहा कि महापरिनिर्वाण दिवस हमें बाबासाहेब के आदर्शों को याद करने और उन्हें अपने जीवन में अपनाने का अवसर प्रदान करता है. यह दिन हमें जाति, धर्म और भाषा के भेदभाव को समाप्त करने और समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है. कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ गौतम कुमार ने किया. धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी सह जिला नोडल पदाधिकारी डॉ लक्ष्मण यादव ने किया.

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