सात फेरे लेने से पहले.... जाने क्यों सात गांव घूमी दुल्हन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 May 2017 8:11 AM (IST)
विज्ञापन

अनुकरणीय. पौधे लेकर साइकिल से दुल्हन लाने पहुंचा दूल्हा समस्तीपुर में पर्यावरण और बेटी बचाने की अनोखी मुहिम मोहनपुर/मोहिउद्दीननगर : समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड के रामचंद्रपुर दशहरा गांव के युवाओं ने हरियाली के लिए जो मुहिम चला रखी है, उसमें रविवार को एक नयी कड़ी जुड़ गयी. पांच सालों से इस गांव के लोग […]
विज्ञापन
अनुकरणीय. पौधे लेकर साइकिल से दुल्हन लाने पहुंचा दूल्हा
समस्तीपुर में पर्यावरण और बेटी बचाने की अनोखी मुहिम
मोहनपुर/मोहिउद्दीननगर : समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड के रामचंद्रपुर दशहरा गांव के युवाओं ने हरियाली के लिए जो मुहिम चला रखी है, उसमें रविवार को एक नयी कड़ी जुड़ गयी. पांच सालों से इस गांव के लोग बेटियों के विवाह में पेड़ लगाते हैं.
पिछले पांच सालों में शायद ही कोई विवाह हुआ हो, जिसमें विदा होनेवाली बेटी ने गांव में पेड़ लगा कर अपनी याद को सुरक्षित न किया हो़ रविवार (21 मई) की देर शाम यह मुहिम बेटे के विवाह तक पहुंच गयी़
रामचंद्रपुर दशहरा के कारू साह का 21 वर्षीय पुत्र संजीव साह दर्जनों बरातियों को लेकर मोहिउद्दीननगर प्रखंड के लखिंद्र साह की पुत्री समृता कुमारी को ब्याहने के लिए निकला और सात फेरे लेने के पहले सात गांवों में पौधे लगाये. दूल्हे के साथ सभी बराती भी साइकिल से निकल़े सभी की साइकिलों पर पौधे लदे थ़े दशहरा गांव से निकलनेवाली यह अपनी तरह की पहली बरात थी़
बरातियों और दूल्हे के माथे पर पाग शोभ रहे थ़े न डीजे, न किसी प्रकार का कोई विशेष तामझाम़ महिलाएं पारंपरिक लोकगीत गा रही थीं. महज औपचारिकतावश एक पारंपरिक बैंड पार्टी बुलायी गयी थी़ बराती के लोग निर्धारित जगहों पर पौधारोपण करते हुए निकल़े
अपने गांव से दिल्ली तक साइकिल यात्रा
संजीव साह के लिए अपने विवाह में इस प्रकार का नवाचार अपनाना आसान नहीं था़ गांव के पर्यावरणसेवी युवक सुजीत भगत ने अपनी बहन के विवाह से पौधारोपण की जो पहल शुरू की थी, उसमें संजीव साह ने खास भूमिका निभायी थी़
जब सुजीत भगत के नेतृत्व में पर्यावरण और बेटी बचाने का संदेश लेकर रामचंद्रपुर दशहरा के 14 युवाओं के दल ने दिल्ली तक साइकिल यात्रा की थी, उसमें संजीव साह शामिल था़ अपने विवाह की बारी आयी, तो संजीव के लिए अपने और दुल्हन के परिजनों को मनाना आसान नहीं था़
विवाह में फिजूलखर्च पर नियंत्रण रखने के लिए दूल्हे ने तरीके बताये. सामान्य से भोज में केले के पत्ते और मिट्टी के बरतन में खान-पान परोसे जाने की जिद लड़कीवालों को माननी पड़ी़
शादी के नाम पर फिजुलखर्ची हो रही है, जिससे हजारों परिवार तंगी के शिकार बन रहे हैं. वर्तमान परिवेश में ग्लोबल वार्मिंग और तेजी से घट रहे लिंगानुपात को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण और बेटी बचाओ अभियान का संदेश देने के िलए ऐसा निर्णय लिया.
संजीव साह, दूल्हा
समाज के हित में उठाये गये इस कदम का मैंने और मेरे परिवार के सदस्यों ने समर्थन किया. मैं अपने पति के निर्णय से खुश हूं. आगे भी उनकी मुहिम में मैं कंधे-से-कंधा मिला कर चलूंगी.
समृता, दुल्हन
लड़कीवालों को बरातियों ने भेंट िकये पौधे
साइकिल पर पौधे लादे हुए बरातियों के साथ दूल्हा जब ससुराल पहुंचा, तो यह अनोखी शादी देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी़ दूल्हे ने ससुराल में पौधे लगाने से पूर्व रास्ते भर पौधारोपण किया़
सात फेरे लेने से पूर्व बोथपुल, दशहरा, पीरगंज, कुरसाहा, बाकरपुर समेत सात गांवों में पौधे लगाये. दूल्हे के लाये गये पौधों के अतिरिक्त दुल्हन ने भी कई और पौधे लगाये. बरातियों ने अपने साथ ले गये पौधे लड़कीवालों को भेंट किये. पौधों और बेटी की रक्षा करने का वचन लिया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










