हस्तानांतरण के पेच में फंसी पेयजल आपूर्ति

समस्तीपुर : सरकारी आंकड़े अपने-अपने स्तर पर यह दावे करते हैं कि अमूक स्थान में हैंडपंप या ट्यूबवेल आदि जल स्रोतों की व्यवस्था हो गयी है, लेकिन वे इस बात की गारंटी नहीं दे सकते हैं कि जल स्तर नीचे चले जाने के बाद भी इन हैंड पंपों या ट्यूबवेल में पानी उपलब्ध होगा? कुछ […]
समस्तीपुर : सरकारी आंकड़े अपने-अपने स्तर पर यह दावे करते हैं कि अमूक स्थान में हैंडपंप या ट्यूबवेल आदि जल स्रोतों की व्यवस्था हो गयी है, लेकिन वे इस बात की गारंटी नहीं दे सकते हैं कि जल स्तर नीचे चले जाने के बाद भी इन हैंड पंपों या ट्यूबवेल में पानी उपलब्ध होगा? कुछ इसी तरह नगर परिषद अपनी आंकड़े को दर्शा कई जगहों पर पेयजल उपलब्धियों का बखान करते रहते हैं व दूसरी ओर पेयजल संकट भी अपनी जगह बना रहता है. कुछ यही हाल शहर के कर्पूरी बस पड़ाव परिसर का है.
यात्रियों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कर्पूरी बस पड़ाव परिसर स्थित टोकन घर के पीछे एक चापाकल की व्यवस्था की गयी थी. लेकिन पिछले वर्ष ही जलस्तर नीचे चले जाने के बाद चापाकल पानी देना बंद कर दिया व नप प्रशासन उसे पेयजल देने योग्य बनाने की दिशा में कारगर कदम भी नहीं उठायी. वर्तमान में हाल यह है कि तापमान बढ़ते ही यात्री पेयजल के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं.
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