विभाग के पास इस मर्ज की दवा नहीं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 Oct 2016 4:46 AM (IST)
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कुव्यवस्था. लो वोल्टेज से उपभोक्ता परेशान लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं जिले के विद्युत उपभोक्ता उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही सुविधा, लेकिन विभाग ले रहा बिल लो व हाइ वोल्टेज के कारण बिजली आधारित उपकरणों का नहीं हो रहा पूरा उपयोग ग्रिड को ही कम बिजली मिलने की बात कह कर कन्नी […]
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कुव्यवस्था. लो वोल्टेज से उपभोक्ता परेशान
लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान हैं जिले के विद्युत उपभोक्ता
उपभोक्ताओं को नहीं मिल रही सुविधा, लेकिन विभाग ले रहा बिल
लो व हाइ वोल्टेज के कारण बिजली आधारित उपकरणों का नहीं हो रहा पूरा उपयोग
ग्रिड को ही कम बिजली मिलने की बात कह कर कन्नी काट रहा विभाग
समस्तीपुर : अगर आप लो वोल्टेज व बिजली कटौती की समस्या से जूझ रहे हैं, तो अपने आप को मजबूत कर लीजिए, क्योंकि विभाग के पास इस मर्ज की कोई दवा वर्तमान में उपलब्ध नहीं है. इससे आपको इस समस्या निजात दिलाया जा सके. इतना ही नहीं, आप सभी विद्युत उपभोक्ता बिजली विभाग की दोहरी मार भी झेलनी पड़ेगी. क्योंकि यहां उपभोक्ता संरक्षण कानून का लेस मात्र प्रभाव भी नहीं दिख रहा.
तभी तो बिना विद्युत उपभोग किये ही या यूं कहें कि बिना सुविधा प्राप्त किये ही विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल का पूरा भुगतान करना पड़ रहा है. लो वोल्टेज व बिजली कटौती से परेशान उपभोक्ता अपने घरों में बिजली आधारित उपकरणों का शत प्रतिशत उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन इस सुविधा के नाम पर उनसे पूरी वसूली की जा रही है. आश्चर्यजनक तथ्य तो यह है कि इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग के पास वर्तमान में कोई समाधान भी नहीं है.
विभाग सीएलडी से ही ग्रिड को कम बिजली मिलने की बात कह कर कन्नी काट रहा है. जानकारी के मुताबिक, मोहनपुर एवं दलसिंहसराय के एक लाख 33 हजार केवीए पावर ग्रिड से जुड़े मोहनपुर, जितवारपुर, कल्याणपुर, पूसा, सरायरंजन, दलसिंहसराय, विद्यापतिनगर व मोहिउद्दीननगर के सभी 33 हजार केवीए के पावर हाउस की स्थिति ठीक नहीं है. यहां कभी बिजली की कम आपूर्ति तो कभी लो वोल्टेज ने उपभोक्ताओं को परेशान कर रखा है.
मेंटेनेंस व फॉल्ट के कारण होती है कटौती : जानकार सूत्रों की मानें तो ग्रिड के पास पूरी बिजली रहती है. लेकिन इसका लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाता है. अक्सर पावर सब स्टेशन एवं फीडर से मेंटेनेंस व फॉल्ट के कारण विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है. तारों के खराब हो जाने के कारण क्षेत्र में कहीं न कहीं तकनीकी फॉल्ट होता ही रहता है. कहीं हाइ टेंशन की समस्या तो कहीं तार टूटने से परेशानी होती है. इसे ठीक करने के नाम पर प्रतिदिन कई क्षेत्रों में सात से आठ घंटे तक बिजली कटौती कर दी जाती है.
कौन चुरा रहा ग्रिड का छह हजार केवीए पावर : मोहनपुर ग्रिड को एक लाख 33 हजार केवीए के बदले मात्र एक लाख 27 हजार केवीए का पावर मिलता है. इसमें शाम के समय और कमी आ जाती है. इस कमी को लेकर किसी को कोई जानकारी नहीं है कि आखिर मोहनपुर ग्रिड को मिलने वाली पावर में छह से सात हजार कवीए पावर कहां खप जा रहा है. जानकार कर्मियों के अनुसार ग्रिड में कमी के कारण पावर हाउस एवं फीडरों को भी एक से तीन हजार केवीए पावर कम मिल रहा है. यह कमी समय के अनुसार कम और ज्यादा होता रहता है. खासकर रात में यह काफी कम हो जाता है. जो एक लाख 33 केवीए की जगह पर एक लाख 24 हजार केवीए से भी नीचे तक चला जाता है.
वोल्टेज ड्रॉप होने से आ रही समस्या
ग्रिड को पावर कम मिलने, 11 हजार के लाइन की काफी दूरी एवं वोल्टेज ड्रॉप होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है. वोल्टेज बुस्टर से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान में अपने यहां ऐसी व्यवस्था नहीं है.
पंकज राजेश, कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग समस्तीपुर
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