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Samastipur News:स्वच्छता के नाम पर खर्च हुए 6 करोड़, फिर भी कचरे का अंबार

Updated at : 14 Jan 2026 7:08 PM (IST)
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Samastipur News:स्वच्छता के नाम पर खर्च हुए 6 करोड़, फिर भी कचरे का अंबार

प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों को चकाचक रखने की कवायद रफ्तार पकड़ने के पहले ही दम तोड़ दिया. सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा है.

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Samastipur News:मोरवा : प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों को चकाचक रखने की कवायद रफ्तार पकड़ने के पहले ही दम तोड़ दिया. सड़कों पर गंदगी का अंबार लगा है. स्वच्छता के लिए खरीदा गया सामान कबाड़ में तब्दील हो रहा है. लाखों की लागत से बना कचरा प्रबंधन इकाई अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है. प्लास्टिक अपशिष्ट इकाई की मशीन चोरी हो गई है. मामला स्वच्छता से जुड़ा है जिस पर 18 पंचायत में 6 करोड़ की ज्यादा की राशि खर्च की गई है. बताया जाता है कि 15वीं वित्त आयोग से सभी पंचायत में कचरा प्रबंधन इकाई की स्थापना की गई थी. कहीं कहीं मनरेगा से भी इसका निर्माण हुआ था. हर पंचायत में 20 से 25 स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति हुई थी. इसकी निगरानी को लेकर स्वच्छता पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाई गई थी. हर घर से कचरा उठाव के नाम पर एक रुपए लेने के प्रावधान किया गया. लेकिन तीन से चार महीने में ही पूरी व्यवस्था दम तोड़ दिया. डस्टबिन से लेकर कचरा उठाव के लिए खरीदा गया ठेला कबाड़ हो गया है. कुछ दिनों के लिए लोगों को कचरा से निजात जरूर मिला था लेकिन आज स्थिति फिर से पूर्ववत हो गई है. जगह-जगह पर लगा कचरा का अंबार बीमारी को आमंत्रण दे रहा है.

भुगतान के लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं मिला

वही कामगार हाथ अब बेकार हो गये हैं. चकपहाड़, चकसिकंदर, गुनाई बसही, लड़ुआ आदि पंचायत के कचरा प्रबंधन इकाई का शेड क्षतिग्रस्त हो चुका है. वहीं बाकी पंचायत की डब्लूपीयू के ताले नहीं खुल रहे हैं. जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का कहना है कि कर्मियों की भुगतान के लिए अब तक न तो कोई अलग से फंड आवंटित हुए न ही इसके भुगतान के लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन मिला है. हर चौक-चौराहों पर कचरे की ढेर से उठ रही बदबू से राहगीर परेशान हो रहे हैं. मोरवा उत्तरी पंचायत के मोरवा बाजार, चकलालशाही चौक, कौवा चौक, विक्रमपुर, हलई बाजार ,पनसाल्ला चौक आदि जगहों पर कचरों का ढेर देखा जा रहा है. इस बाबत मुखिया संघ के अध्यक्ष प्रियरंजन गोपाल ने बताया कि सरकार के द्वारा मानदेय को लेकर कोई भी स्पष्ट गाइडलाइन नहीं दिये गये न ही राशि आवंटित की गई जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है. वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार निराला ने बताया कि इस व्यवस्था को लेकर लगातार प्रयास किया जा रहा है. जल्द ही इसे चालू किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KRISHAN MOHAN PATHAK

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By KRISHAN MOHAN PATHAK

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