विद्युत संबद्धता के लिये तरस रहे बीटीएस टावर

Updated at :24 Jun 2015 6:04 PM
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विद्युत संबद्धता के लिये तरस रहे बीटीएस टावर

समस्तीपुर. बीटीएस टावरों में विद्युत बहाली मात्र दिवा स्वप्न साबित हुई है. 18 माह बाद भी दूरभाष केंद्रों क ो विद्युत पर चलाने की योजना अमलीजामा नहीं पहन सकी है. जिसका खामियाजा सीधे बीएसएनएल के राजस्व पर हो रहा है. डीजल की खपत बीएसएनएल की जेब को सेंध लगा रही है. ऐसे 15 बीटीएस टावर […]

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समस्तीपुर. बीटीएस टावरों में विद्युत बहाली मात्र दिवा स्वप्न साबित हुई है. 18 माह बाद भी दूरभाष केंद्रों क ो विद्युत पर चलाने की योजना अमलीजामा नहीं पहन सकी है. जिसका खामियाजा सीधे बीएसएनएल के राजस्व पर हो रहा है. डीजल की खपत बीएसएनएल की जेब को सेंध लगा रही है. ऐसे 15 बीटीएस टावर है जहां बिजली कनेक्शन आज भी विभाग को नहीं मिल सका है. इस बाबत जिला दूरसंचार केंद्र के एटीडीएम सुमन कुमार झा ने बताया कि यहां बिजली विभाग की ओर से एस्टीमेट उपलब्ध नहीं कराया गया है. जिससे कनेक्शन का कार्य ठप पड़ा हुआ है. बताते चलें कि अगस्त 13 में ही सभी बीटीएस टावर को विद्युत पर संचालन करने का निर्णय लिया गया था. जिसके बाद दूूरसंचार केंद्र ने विभाग के पास कनेक्शन के लिये आवेदन दिया था. जो कि आज तक उपलब्ध नहीं हो पाया है. अभी बीटीएस टावरों का संचालन जेनेरेटर पर किया जाता है. टावर के संचालन पर विभाग को औसतन 40 लाख तक की राशि डीजल पर प्रति माह तक वहन करनी पड़ती है. इसके साथ ही दूर दराज क्षेत्रों में बैटरी कमजोर पड़ने के कारण संध्या बाद ही नेटवर्क की समस्या बढ़ जाती है. विद्युत बहाली के बाद टावरों को 24 घंटा बिजली मिल सकेगी.

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