बिना नक्शा बन रहे मकान

Updated at :22 Jun 2015 8:00 AM
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बिना नक्शा बन रहे मकान

समस्तीपुर : नगर परिषद क्षेत्र में मकान बनाने के लिए नगर परिषद का आदेश जरूरी है़ भवन बनाने के लिए नगर परिषद से नक्शा पास होना चाहिए, लेकिन इस शहर में बिना किसी आदेश के धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे हैं़ इसे कोई देखने वाला भी नहीं है़ बताते चलें कि वर्ष 2009-10 से […]

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समस्तीपुर : नगर परिषद क्षेत्र में मकान बनाने के लिए नगर परिषद का आदेश जरूरी है़ भवन बनाने के लिए नगर परिषद से नक्शा पास होना चाहिए, लेकिन इस शहर में बिना किसी आदेश के धड़ल्ले से मकान बनाए जा रहे हैं़ इसे कोई देखने वाला भी नहीं है़
बताते चलें कि वर्ष 2009-10 से पहले जब नगर परिषद नक्शा पास करती थी तो उसके कर्मचारी उस स्थल का मुआयना करते थ़े उसके बाद ही नक्शा पास होता था़ लेकिन राज्य सरकार ने जब से वास्तुविद बहाल कर दिया उस समय से कोई देखने वाला भी नहीं है कि किस तरह से मकान का निर्माण किया जा रहा है़ वास्तुविदों की तैनाती अब तक नगर परिषद में नहीं हो सका है़ इस लापरवाही के चलते शहर में बिना किसी मापदंड के भवनों का निर्माण कराया जा रहा है़
आइये शहर के मकानों पर दौड़ायें नजर, कहीं बेतरतीब छज्ज तो कहीं पहुंचने का मार्ग नहीं है़ हो भी क्यों न? बिना नक्शा जो धड़ाधड़ बनाये जा रहे आवास़ हैरत की बात है कि नप प्रशासन को इसकी सूचना तक नहीं है़ दरअसल, बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 ने बिना नक्शा पास कराये मकानों के निर्माण पर अंकुश लगाने व उन्हें अवैध घोषित करने का अधिकार नप को दे रखा है़ यह अलग बात है कि नप को इससे कोई सरोकार नहीं है.
बिल्डिंग बॉयलाज संचिका में
अगर आप नगर परिषद क्षेत्र में भवन निर्माण की सोच रहे हैं तो अब आपको बिल्डिंग बॉयलाज की सारी शर्तों को पूरा करना होगा़ तभी नप से भवन निर्माण का आदेश दिया जायेगा़ नक्शा पास करने वाले अभियंता आपके भवन निर्माण कार्य पर पैनी नजर रखेंग़े अगर भवन निर्माण कार्य में कोई चूक हुई या मानक के अनुसार भवन निर्माण नहीं किया गया तो इसके लिए सीधे तौर पर मकान मालिक तो जिम्मेवार होंगे ही, नक्शा जारी करने वाले अभियंताओं से भी जवाब तलब किया जायेगा़ बिल्डिंग बॉयलाज के अनुसार अब भवन निर्माण का नक्शा बनाने से लेकर निर्माण पूर्ण होने तक उन्हे कई प्रक्रिया से गुजरना होगा़
सौ वर्ग मीटर तक का नक्शा सुपरवाइजर, सौ से पांच सौ तक इंजीनियर और पांच सौ से अधिक वर्ग मीटर में भवन निर्माण का नक्शा अर्किटेक से पास करवाना होगा़ साथ ही भवन निर्माण करने वाले लोगों को नक्शा की जांच के लिए फॉर्म-5 भरकर अर्जी देनी होगी़
जबकि छत ढलाई के समय भी उन्हे फॉर्म 13 भरकर इसकी जांच कराना होगा़ इसको लेकर सामान्य भवन के लिए दस रुपये प्रतिवर्ग मीटर का शुल्क जमा करना होगा जबकि व्यावसायिक एवं अन्य भवनों के शुल्क अलग अलग निर्धारित किये गये हैं लेकिन यह प्रक्रिया अभी भी नप के संचिका में दबी पड़ी है.
नक्शा पास भवनों की संख्या नहीं है नप के पास
नगर परिषद प्रशासन से जब नक्शा पास भवनों की संख्या के बारे में पूछा जाता है तो पदाधिकारी से लेकर कर्मी तक चुप्पी साध लेते है़ विदित हो कि फिलवक्त नगर परिषद क्षेत्र मेंकरीब 27 हजार से अधिक मकान निर्मित है, लेकिन होल्डिंग संख्या का निर्धारण मात्र 8354 मकानों का ही हो सका है़
नप से पास नहीं, मनमर्जी डिजाइन
शहर में संचालित स्कूल, बैंक्केट हॉल व अन्य बड़े शो रूम संचालकों ने नगर परिषद से नक्शे पास नहीं कराये हुए हैंइन संस्थाओं द्वारा नक्शे पास नहीं कराने के कारण नप को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है़ कमर्शियल बिल्डिंगों के अलावा रिहायशी मकान बनाते समय भी लोग नक्शे पास नहीं करा रहे हैं लोग अपनी मनमर्जी के डिजाइन के मकान बना रहे हैं़ दूसरी ओर नगर परिषद के अधिकारी ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के मूड में भी नहीं हैं.
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