पंजाब से गेहूं व उड़ीसा से आ रहे चावल

Updated at :14 Jun 2015 6:04 PM
विज्ञापन
पंजाब से गेहूं व उड़ीसा से आ रहे चावल

एक रैक पर खर्च होता हे 50 लाखकम पैदावार के कारण अन्य राज्यों से आती है अनाजप्रतिनिधि, समस्तीपुर जिले की जन वितरण प्रणाली हो या मध्याह्न भोजन योजना जिलावासी अन्य राज्यों से आयातित अनाज पर ही निर्भर है. जिले की खाद्यान्न आपूर्ति का अधिकतर श्रोत हजारों किलोमीटर दूर बैठे किसान हैं. जिनकी पैदावार आज यहां […]

विज्ञापन

एक रैक पर खर्च होता हे 50 लाखकम पैदावार के कारण अन्य राज्यों से आती है अनाजप्रतिनिधि, समस्तीपुर जिले की जन वितरण प्रणाली हो या मध्याह्न भोजन योजना जिलावासी अन्य राज्यों से आयातित अनाज पर ही निर्भर है. जिले की खाद्यान्न आपूर्ति का अधिकतर श्रोत हजारों किलोमीटर दूर बैठे किसान हैं. जिनकी पैदावार आज यहां के बच्चों का निवाला बन रहे हैं. भारतीय खाद्य निगम की ओर से इन योजनाओं को उपलब्ध किया गया खाद्यान्न बाहरी राज्यों से आता है. इसमें गेहूं का मुख्य आवक पंजाब, हरियाणा व मध्य प्रदेश है. इसी तरह चावल छत्तीसगढ़, ओडिशा, पंजाब व हरियाणा से आता है. बाहरी राज्यों से खाद्यान्न आने के कारण इन पर सरकार को करोड़ों की राशि खर्च करनी पड़ती है. औसतन एक रैक के आगमन पर विभाग को रेलवे को 50 लाख रुपये तक का किराया देना पड़ता है. वहीं इसमें लदी खाद्यान्न की कीमत छह करोड़ रुपये के आसपास होती है. हालांकि विभाग राज्य के अंदर से भी अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करता है. लेकिन इसकी मात्रा काफी कम होती है. पहली बार चावल की जिले में उपलब्धता इस बार राज्य के अन्य जिलों से की गयी है. इस बाबत भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अर्जुन क ुमार यादव ने बताया कि राज्य के अंदर के जिलों से अगर खाद्यान्न मिल जाता है तो उस पर विभाग को परिवहन पर खर्च की बचत होती है. हालांकि यह कभी कभार ही होता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन