दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा
दलसिंहसराय. सिविल कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी केडी राजाजी के न्यायालय ने गुरुवार को एक मामले में उजियारपुर गांव के रुदल पोद्दार को दोष स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. गौरतलब है कि राज्य सरकार श्रम संसाधन के प्रधान सचिव व जिलाधिकारी के संयुक्त आदेश के आलोक में 15 मार्च […]
दलसिंहसराय. सिविल कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी केडी राजाजी के न्यायालय ने गुरुवार को एक मामले में उजियारपुर गांव के रुदल पोद्दार को दोष स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी. गौरतलब है कि राज्य सरकार श्रम संसाधन के प्रधान सचिव व जिलाधिकारी के संयुक्त आदेश के आलोक में 15 मार्च 2011 को उजियारपुर स्थित अभियुक्त के होटल में धावा दल ने निरीक्षण के क्रम में बाल श्रमिक गोविंद कुमार (रामपुर एकशिला) क ो काम कराते हुए पाया था. अभियुक्त के बाल श्रमिक की धारा 1986 का प्रतिबंधित धारा 14(1) के तहत श्रम प्रवर्तन निरीक्षक ने परिवाद पत्र दाखिल किया था. कोर्ट के समक्ष अभियुक्त रुदल पोद्दार ने अपना अपराध स्वीकार किया. कोर्ट ने दस हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनायी. साथ ही अर्थदंड की राशि श्रम विभाग को अदा करने का आदेश भी पारित किया.
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