सड़क का निर्माण कराना बेहद जरूरी इसे पूरा करना प्रशासन की जवाबदेही
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Jan 2020 12:28 AM (IST)
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मोरवा : प्रखंड क्षेत्र के मोरवा दक्षिणी पंचायत के खेदूटांर गांव में करीब पांच दिनों तक चले 2 प्रखंडों के सीमा विवाद को लेकर डीएम शशांक शुभंकर शुक्रवार को विवादित स्थल का दौरा किया. बताया जाता है कि डीएम के साथ पहुंचे एसडीओ और डीसीएलआर को डीएम ने आवश्यक निर्देश देते हुए गली-नली योजना से […]
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मोरवा : प्रखंड क्षेत्र के मोरवा दक्षिणी पंचायत के खेदूटांर गांव में करीब पांच दिनों तक चले 2 प्रखंडों के सीमा विवाद को लेकर डीएम शशांक शुभंकर शुक्रवार को विवादित स्थल का दौरा किया.
बताया जाता है कि डीएम के साथ पहुंचे एसडीओ और डीसीएलआर को डीएम ने आवश्यक निर्देश देते हुए गली-नली योजना से सड़क निर्माण करने का निर्देश दिया. इस मौके पर जुटे दोनों ही पक्ष के लोगों ने अपनी अपनी दलीलें दी. डीएम ने दो टूक कहा कि सड़क का निर्माण हर हाल में जरूरी है.
इसे पूरा करना प्रशासन की जवाबदेही भी है. इसलिए बेहतर होगा कि लोग आपस में मिल बैठकर समस्या का निदान निकाल लें. डीएम की इस पहल के बाद लोगों ने डीएम के सामने तो हामी भर दी. लेकिन डीएम के जाते ही उसके सुर फिर बदलने लगे. एक बार फिर लगा कि गतिरोध बरकरार है लेकिन एसडीओ अशोक कुमार मंडल और डीसीएलआर उमेश कुमार भारती, सीओ भोगेंद्र यादव, सरायरंजन बीडीओ गंगासागर सिंह, सीओ विजय कुमार तिवारी आदि अधिकारियों के बीच ग्रामीणों के साथ हुई बैठक के बाद मामले को सुलझा लेने का दावा किया गया.
बताया जाता है कि निजी जमीन पर करीब एक साल से विवाद चल रहा है. जिसके कारण एक पक्ष के घर में आग लगा दी गयी थी. दोनों ही पक्ष पर मुकदमा भी चला है. जिसमें कई लोग जेल भी गये. इस बाबत सीओ भोगेंद्र यादव ने बताया कि एक पक्ष के मोद नारायण पोद्दार के द्वारा नौआ चौक सीमा पर 2 कट्ठा जमीन खरीद की गई थी. उसी के बगल में उसका पुराना पुश्तैनी घर भी है. मोरवा और सरायरंजन को जोड़ने वाली सड़क बनाने के लिये प्रस्ताव सामने आया तो विवाद शुरू हो गया. इसी क्रम में इस सीमा पर विवाद शुरू हो गया.
दूसरे पक्ष के लोगों का कहना था कि सीमा होने के कारण यहां हर हाल में सरकारी जमीन होगा और उसी से सड़क गुजरेगी. जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि दोनों घर के बीच से सड़क निकालना उचित नहीं होगा. उसी के घर के बगल से सड़क निकालकर इस विवाद को खत्म किया जा सकता है.
लेकिन दोनों ही पक्ष के लोगों में तकरार हो गया और काफी दिनों तक विवाद चलता रहा. इस बीच अपनी खरीद की जमीन पर एक पक्ष के द्वारा मकान बनाने के क्रम में दूसरे पक्ष के लोगों के द्वारा आपत्ति किये जाने के बाद विवाद शुरू हो गया. प्रशासन की पहल के बाद घर बनाने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गयी है. विवाद इतना बढ़ गया कि मामला प्रशासन के पास पहुंचा और सीओ भोगेंद्र यादव के नेतृत्व में प्रशासन और पुलिस की टीम 5 दिनों तक विवादित स्थल पर कैंप करती रही.
इस बीच उक्त जमीन पर धारा 144 और 107 की बात सामने आयी तो पीड़ित परिवार एक बार फिर प्रशासन से गुहार लगाने पहुंचे. शुक्रवार को डीएम ने खुद इसकी जांच करते हुए पुराने सहमति पर ही सड़क निर्माण कराने का सुझाव दिया. डीएम ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति की जमीन सड़क के अधीन आता है तो उसे मुआवजा भी दिया जायेगा.
डीएम के आदेश के बाद सड़क बनने का मार्ग प्रशस्त होता नजर आ रहा है. हालांकि ग्रामीणों के अपने अलग ही सुर हैं और अधिकारियों की टीम इस विवाद को खत्म करने के लिए ग्रामीणों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं. मौके पर नौआ चौक के मुखिया जितेंद्र कुमार, सीआई शिव शंकर महतो, मीरा देवी, हरि पोद्दार, पैक्स अध्यक्ष सौरभ शर्मा, रंजीत शर्मा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
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