बापू से जुड़ी पुस्तकों का कैदी कर रहे हैं वाचन

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Sep 2019 4:37 AM

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एक था मोहन और बापू की पाती का किया गया वितरण दो सितंबर से दो अक्टूबर तक बंदियों के बीच होगा वाचन समस्तीपुर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती इस बार मंडल कारा में एक महीने तक मनाया जायेगा. इसी क्रम में मंडल कारा में बंदियों के बीच बापू कथा का आयोजन किया गया. आगामी […]

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एक था मोहन और बापू की पाती का किया गया वितरण

दो सितंबर से दो अक्टूबर तक बंदियों के बीच होगा वाचन
समस्तीपुर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती इस बार मंडल कारा में एक महीने तक मनाया जायेगा. इसी क्रम में मंडल कारा में बंदियों के बीच बापू कथा का आयोजन किया गया. आगामी दो अक्टूबर को बापू जयंती तक चलने वाले इस बापू कथा का शुभारंभ कारा अधीक्षक ने बापू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया.
इसके पूर्व अधीक्षक ने उपस्थित बंदियों के बीच बापू के जीवन से संबंधित विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बापू के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत पर कार्य करने के लिए बंदियों से अपील की. उन्होंने कहा कि बापू की जीवन पर आधारित बातों को अपने दैनिक जीवन में अपना कर हम सभी समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकते हैं. इस कारा में आने वाले सभी बंदी अपराधी नहीं है. जाने अनजाने में छोटी बड़ी गलती हो जाने के कारण वे यहां पर आए हैं. यहां पर आने वाले सभी बंदी भाई इसी समाज के अंग हैं.
वही जेलर मनोज कुमार कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप कारा प्रशासन ने जेल में बंद बंदियों की मन: स्थित में परिवर्तन कर उन्हें राष्ट्र की मुख्य धारा में जोड़ने की नई पहल शुरू की है. बंदियों की हिंसात्मक विचारधारा को बदलने के लिए राष्ट्रपिता के जीवन परिचय को संदेश वाहक बनाया गया है. कारा महानिरीक्षक के निर्देश के आलोक में मंडल कारा प्रशासन ने कारा के अंदर बापू की पाती नामक पुस्तक में लिखे उनके लिखित अनुभवों से बंदियों को अवगत कराते हुए आत्मसात करने का सुझाव दिया गया है.
बंदियों ने भी पूरे मनोयोग से बापू के जीवन के संघर्ष व सामाजिक तथा पारंपरिक कुरीतियों के विरूद्ध चलाए गए उनके अभियान की जानकारी सुनी. बापू की पाती नामक पुस्तक के वाचन से बंदियों को महात्मा गांधी के आत्मबल के साथ-साथ राष्ट्र प्रेम की प्रबल भावना की भी जानकारी हुई. दो अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा. कारा अधीक्षक ज्ञानिता गौरव ने बताया कि महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती से संबंधित समारोह का आयोजन अक्टूबर 2020 तक होना है. डीइओ और डीपीओ (साक्षरता) के सहयोग से कथा वाचन कार्यक्रम का संचालन करने के लिए दोनों पुस्तके उपलब्ध करायी गयी है.
एक था मोहन पुस्तक बिहार सरकार की परियोजना रही है. सोपान जोशी ने इस पुस्तक को लिखा है और आइटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर ने इसे प्रकाशित किया है. गांधी जी के जीवन से जुड़ी बातें काफी रोचक तरीके से इस पुस्तक में है. मसलन 34 छात्रों में मोहनदास करमचंद गांधी 32 वें नंबर पर रहते थे. बापू की पाती पुस्तक में बापू के जीवन से जुड़ी 45 कहानियां हैं. इनमें महात्मा गांधी के खास कार्य, विचार और आंदोलनों में उनकी सक्रियता के बारे में बताया गया है.
सात दिवसीय योग शिविर का आयोजन : इधर मंडल कारा में पुरुष बंदियों के बीच आर्ट ऑफ लिविंग के द्वारा सात दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल कारा की अधीक्षक ज्ञानिता गौरव ने किया. योग गुरु नारायण जी पांडेय के द्वारा योग क्रिया एवं विभिन्न तरह के प्राणायाम कराये गये. मौके पर उपाधीक्षक मनोज कुमार,अमित कुमार वर्मा,संजय कुमार बबलू,राजीव गौतम,आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयं सेवक अरुण चौधरी मौजूद थे.
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