बनगांव की पहचान कायम रखने के लिए आत्म चिंतन की है जरूरतः डॉ तारानंद सादा

बनगांव की पहचान कायम रखने के लिए आत्म चिंतन की है जरूरतः डॉ तारानंद सादा
ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए क्विज प्रतियोगिता हुई आयोजित सहरसा. जिले के कहरा प्रखंड के बनगांव में आयोजित तीन दिवसीय कृष्ण जन्माष्टमी मेला के अंतिम दिन रविवार की रात ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गयी. कार्यक्रम में संबोधित करते वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ तारानंद सादा ने कहा कि बनगांव की पहचान बाहर में प्रशासनिक पदाधिकारी निर्माण करने वाले मशीन के रूप में होती है. लेकिन बीते कुछ दिनों से इसमें कमी आयी है. आईएएस, आईपीएस के गांव के रूप में बनगांव की पहचान है. इसके लिए सभी को आत्म चिंतन किए जाने की आवश्यकता है. मेला में लाखों की राशि व्यय की जाती है, जो मनोरंजन के लिए जरूरी है. इसमें से कुछ राशि संसाधन के अभाव में अच्छा रिजल्ट किये प्रतियोगी बच्चों के बीच दिया जाये. जिससे वह अपने जीवन में प्रतियोगिता परीक्षा पास कर सके तो यह मेला समिति के साथ ही ग्रामीणों के लिए गौरव की बात होगी. वहीं कार्यक्रम को पूर्व भारतीय प्रशासनिक पदाधिकारी उदय शंकर झा ने भी संबोधित किया. उन्होंने युवाओं से गांव की गरीमा बरकरार रखने एवं गांव का नाम रौशन करने के लिए अपनी पढ़ाई पर समुचित ध्यान देने की बात कही. कार्यक्रम में प्रो डॉ अरुण खां, मेला समिति अध्यक्ष मनोरंजन खां, अमित कुमार झा सहित अन्य ने भी अपने विचार रखे.
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लेखक के बारे में
By दीपांकर श्रीवास्तव
दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.
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