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प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी प्रतियोगिता का आयुक्त ने किया उद्घाटन

Updated at : 30 Jan 2026 6:40 PM (IST)
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प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी प्रतियोगिता का आयुक्त ने किया उद्घाटन

प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी प्रतियोगिता का आयुक्त ने किया उद्घाटन

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बिहार उन गिने चुने राज्यों में जहां किसानों को मिलता है अधिक अनुदानः प्रमंडलीय आयुक्त सहरसा . जिला कृषि कार्यालय परिसर में शुक्रवार को प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी सह प्रतियोगिता का प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने उद्घाटन किया. इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार, जिलाधिकारी दीपेश कुमार, उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, संयुक्त कृषि निदेशक प्रवीण कुमार व जिला उद्यान पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित एवं फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस अवसर पर प्रदर्शनी में लगे प्रदर्श एवं विभिन्न स्टाल का निरीक्षण किया. इस अवसर पर प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने कहा कि इस प्रदर्शनी में तीनों जिलों के किसानों की अच्छी भागीदारी है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का विजन रहा है कि देश के हर थाली में बिहार का एक व्यंजन अवश्य होना चाहिए. इसलिए बिहार सरकार 2010 से कृषि रोड मैप एवं कृषि कैबिनेट के माध्यम से इस पर काफी योजनाएं चला रही है. इसके तहत मशरूम कट वितरण में 90 प्रतिशत एवं मखाना विकास में 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है. इसका एक ही मकसद किसानों की आय बढ़ाना है. जिससे किसानों के जीवन में समृद्धि आए. उन्होंने कहा कि बिहार गिने चुने राज्यों में आता है. जहां किसानों को इतना अधिक अनुदान दिया जा रहा है. विभाग स्तर पर तीनों जिला के जिलाधिकारी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में अच्छा कार्य चल रहा है. वर्तमान में फार्मर आईडी का भी काम चल रहा है. जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सभी किसानों को सुगमतापूर्वक मिले. उन्होंने किसानों से इसका लाभ उठाने की अपील की. जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि इस प्रदर्शनी में महिलाओं की भागीदारी अधिक दिख रहा है. इससे काफी खुशी हो रही है. अब कृषि क्षेत्र में भी महिलाएं बढ़ चढ़कर भाग ले रही है. उन्होंने कहा कि कोसी सीमांचल के लोग काफी भाग्यशाली हैं. यहां कृषि संसाधन के लिए महत्वपूर्ण संसाधन पानी की उपलब्धता भरपूर है. यहां पानी 13 फीट पर मिल जाता है जो किसानों के लिए सौभाग्य की बात है. साथ ही यहां की भूमि भी काफी उर्वर है. स्वाॅयल टेस्ट कराए जाने के दौरान इस मिट्टी में सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम सहित सभी अवयव पाये जाते हैं. जिसके कारण किसानों की उत्पादकता भी अधिक हो रही है. उन्होंने कहा कि यहां बिहार के अन्य जिलों में एक कट्ठा में एक मन उपज की धारणा है. जबकि सहरसा में एक कट्ठा में एक क्विंटल तक पैदावार हुआ है. जिलाधिकारी ने कहा कि जिस प्रकार पूर्णिया में ड्रैगन फ्रूट, मूंगफली, अनारस की खेती हो रही है. यहां भी अगले सीजन तक इसकी खेती की शुरुआत की संभावना है. उन्होंने कहा कि सत्तरकटैया में नारंगी की खेती प्रारंभ की गयी है. जिसका फल भी काफी मीठा है. भविष्य में इसको भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि सरकार के पास सभी संसाधन उपलब्ध हैं. जिला प्रशासन का सहयोग हमेशा मिलता रहेगा. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने किसानों द्वारा लगाए गये प्रदर्शनी को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की. साथ ही मखाना एवं मशरूम उत्पादक किसानों की काफी सराहना की. वहीं कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन जिला उद्यान पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने किया. उन्होंने कहा कि इस मेले में छह सौ से अधिक किसानों ने भाग लिया. वहीं प्रदर्शनी में तीन सौ से अधिक प्रदर्शन किसानों द्वारा प्रदर्शित किया गया. जिसे कृषि वैज्ञानिक अगवानपुर द्वारा परीक्षण कर सर्वश्रेष्ठ उत्पाद को पुरस्कृत किया गया. मौके पर सभी जिला कृषि कार्यालय कर्मी, कृषि समन्वयक, एटीएम एवं बीटीएम सहित अन्य मौजूद थे.

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Dipankar Shriwastaw

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