ePaper

जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निबटाने पर सख्ती

Updated at : 27 Aug 2025 6:14 PM (IST)
विज्ञापन
जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निबटाने पर सख्ती

जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निबटान से संबंधित प्रतिवेदन प्रत्येक माह की पहली तारीख तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में जमा करने का सख्त निर्देश दिया है.

विज्ञापन

सीएस ने सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों को प्रत्येक माह एक तारीख को प्रतिवेदन देने का दिया निर्देश

सहरसा. सिविल सर्जन डॉ रतन कुमार झा ने जिले के सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों क्लीनिक, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब को जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निबटान से संबंधित प्रतिवेदन प्रत्येक माह की पहली तारीख तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में जमा करने का सख्त निर्देश दिया है. कार्यालय असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सहरसा द्वारा सभी स्वास्थ्य संस्थानों को पत्र के माध्यम से सूचना भी दी गया है. सीएमओ कार्यालय ने जानकारी दी कि पहले भी इस विषय पर कई बार स्पष्ट निर्देश जारी किया जा चुका है. पत्र के माध्यम से सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थानों को यह निर्देश दिया गया था कि वे जैव चिकित्सा अपशिष्ट के निबटान से जुड़ी जानकारी समय पर विभाग को उपलब्ध कराएं. बावजूद इसके देखा जा रहा है कि अधिकांश निजी संस्थान इन निर्देशों का अनुपालन नहीं कर रहे हैं. ना तो समय पर रिपोर्ट दी जा रही है एवं ना ही जैव चिकित्सा अपशिष्ट को मानक प्रक्रिया के अनुसार निपटाया जा रहा है. जो स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय है. जैव चिकित्सा अपशिष्ट में संक्रमित सिरिंज, सर्जिकल दस्ताने, पट्टियां, खून लगे कपड़े, दवाइयों के अवशेष शामिल होते हैं. इनका उचित निबटान नहीं किया गया तो यह आम लोगों, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों एवं पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. संक्रमण फैलने एवं बीमारियों के प्रसार की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि भविष्य में कोई निजी चिकित्सा संस्थान प्रत्येक माह की एक तारीख तक जैव चिकित्सा अपशिष्ट निबटान प्रतिवेदन जमा नहीं करते हैं तो, उसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. इसके तहत चेतावनी, जुर्माना, लाइसेंस रद्दीकरण या अन्य दंडात्मक कदम उठाये जा सकते हैं. सिविल सर्जन ने सभी निजी संस्थानों से अपील की है कि वे इस गंभीर विषय को लेकर संवेदनशील बनें एवं नियमानुसार प्रतिवेदन समय पर जमा करें. यह ना केवल कानूनी बाध्यता है, बल्कि जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए भी आवश्यक है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
MD. TAZIM

लेखक के बारे में

By MD. TAZIM

MD. TAZIM is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन