खेल शिक्षक की कथित दुर्घटना में निधन नहीं, गहरी साजिश के तहत हत्याः आनंद मोहन

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खेल शिक्षक की कथित दुर्घटना में निधन नहीं, गहरी साजिश के तहत हत्याः आनंद मोहन

खेल शिक्षक की कथित दुर्घटना में निधन नहीं, गहरी साजिश के तहत हत्याः आनंद मोहन

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पंचगछिया ड्योढ़ी स्थित स्व नयन के आवास पर मातमपूर्सी करने पहुंचे पूर्व सांसद सहरसा. पिछले चार मार्च होली के दिन पंचगछिया ड्योढी के वारिस सह खेल शिक्षक धर्मेंद्र नारायण सिंह नयन की कथित दुर्घटना में निधन नहीं गहरी साजिश के तहत हत्या है. गुरुवार को पंचगछिया ड्योढ़ी स्थित स्व नयन के आवास पर मातमपूर्सी करने पहुंचे पूर्व सांसद आनंद मोहन ने उक्त बातें कही. उन्होंने संदेह व्यक्त करते कहा कि प्रथम दृश्टया यह कहीं से भी दुर्घटना नहीं है. जिस बिजली के खंभे से बाइक टकराने की बात कही जा रही है, वहां दुर्घटना के कोई चिन्ह नहीं हैं. दुर्घटना के बाद घायल शरीर एवं बाइक को बिजली खंभा के इर्द गिर्द होना चाहिए. जो परिजनों को कई फीट की दुरी पर अलग अलग हासिल हुआ. खून के धब्बे शरीर के पास मिलने चाहिए. लेकिन वाह भी पांच सौ मीटर की दूरी पर मिला है. उन्होंने ने कहा कि बिहरा थानध्यक्ष से बातचीत में उन्हें पता चला कि एक झगड़ा की सूचना पर जब पुलिस सत्तर गोठ गांव पहुंची तो दो ग्रुप में झगड़ा हो रहा था. उन्हीं में से किसी दो व्यक्ति को पुलिस ने स्व नयन को घर पहुंचा देने का जिम्मा सौंपा तो सवाल उठता है कि वे दोनों नयन को घर तक क्यों नहीं छोड़ा एवं गंभीर दुर्घटना के बाद कहां लापता हो गये. श्री मोहन ने बिहरा थानाध्यक्ष एवं सदर एसडीपीओ से मामले को गंभीरता से लेते निष्पक्ष एवं सक्षम पदाधिकारी से घटना के एक एक पहलू को उजागर करने कि अपील की. पूर्व सांसद ने कहा कि स्व नयन सच्चे अर्थो में एक विनम्र एवं शालीन व्यक्तित्व के शिक्षक थे. उनके आकस्मिक निधन से कोसी क्षेत्र के खेल जगत को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि अभी वे पंचगछिया में अंतर्राज्यीय फूटाबल महाकुंभ की तैयारी में जुटे थे. जिसका जिम्मा स्व नयन एवं उनके छोटे पुत्र अंशुमान आनंद को सौंपा गया था. स्व नयन का निधन उनकी व्यक्तिगत क्षति है, जिसे वह भूल नहीं सकते. मालूम हो कि सात दिनों तक जिंदगी एवं मौत से जूझते पटना के आईजीआईएमएस में 10 मार्च की रात नयन का निधन हो गया.

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दीपांकर श्रीवास्तव

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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