बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर: आस्था, शिवभक्ति एवं लोकविश्वास का प्राचीन केंद्र

Updated:
विज्ञापन

फोटो - सहरसा - बाबा मकेश्वर धाम मंदिर | Prabhat Khabar Network

सहरसा के काठो गांव स्थित बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर अपनी प्राचीनता और लोकआस्था के लिए प्रसिद्ध है। जानें इस पवित्र शिव मंदिर की महिमा और महत्व।

विज्ञापन

गुरुवार आज का दर्शन सावन एवं महाशिवरात्रि में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड क्षेत्र के काठो गांव स्थित बाबा मटेश्वर धाम महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है. यह मंदिर वर्षों से शिवभक्तों की श्रद्धा एवं विश्वास का प्रतीक बना हुआ है. मान्यता है कि मटेश्वर धाम मंदिर में सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों की बाबा हर मनोकामना पूर्ण करते हैं. यही कारण है कि आसपास के गांवों सहित दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां जलाभिषेक एवं पूजा के लिए पहुंचते हैं. सहरसा से विनय कुमार मिश्र विशेष रिपोर्ट सहरसा. काठो स्थित बाबा मटेश्वर महादेव मंदिर धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को शांति एवं भक्ति का विशेष अनुभव होता है. सुबह की आरती से लेकर शाम की पूजा तक यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. ग्रामीणों के अनुसार बाबा मटेश्वरनाथ की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहती है. मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राचीनता एवं लोकआस्था है. कहा जाता है कि यह शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप में प्रकट हुआ था एवं तभी से यहां पूजा-अर्चना का क्रम निरंतर जारी है. सावन माह में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा का जलाभिषेक करते हैं. मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहता है. महाशिवरात्रि एवं सावन में दिखता है अद्भुत नजारा महाशिवरात्रि एवं सावन के अवसर पर बाबा मटेश्वर धाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. मुंगेर जिले के छर्रापट्टी से सावन महीने में श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा पर जलाभिषेक करते हैं. यह शिलशिला पूरे सावन महीने चलता है. हजारों शिवभक्तों की भीड़ जुटती है. महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां कला संस्कृति विभाग की ओर से दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक आयोजन होता है. मंदिर में प्रतिदिन सुबह से देर रात तक पूजा-पाठ, रुद्राभिषेक एवं भजन-कीर्तन का आयोजन होता रहता है. इस दौरान मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जाता है एवं विशेष श्रृंगार के बाद बाबा की पूजा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होती है. कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर बाबा को बेलपत्र, धतूरा एवं विशेष प्रसाद अर्पित करते हैं. शाम की आरती में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल होकर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. धार्मिक पर्यटन की बढ़ रही पहचान स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा मटेश्वर धाम मंदिर अब धार्मिक पर्यटन के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है. यहां आने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ ग्रामीण संस्कृति एवं आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करते हैं. मंदिर परिसर के विकास एवं सुविधाओं में लगातार सुधार होने से श्रद्धालुओं की संख्या में भी वृद्धि देखी जा रही है. भक्तों का मानना है कि बाबा के दरबार से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता एवं सच्ची श्रद्धा से की गयी प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है. फोटो - सहरसा - बाबा मकेश्वर धाम मंदिर

विज्ञापन
Vinay Kumar Mishra

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar Mishra

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन