स्थापना के दिन से ही अधिकांश लाइटें बंद, सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप
सलखुआ. प्रखंड मुख्यालय स्थित सलखुआ बाजार में सौर ऊर्जा से संचालित स्ट्रीट लाइटें आम जनता के लिए सुविधा के उद्देश्य से लगायी गयी थी, लेकिन लगाये जाने लगभग छह महीने से ही दिन से अधिकांश लाइटें जलनी बंद हो गयी है. इससे बाजार क्षेत्र में अंधेरा पसरा रहता है और दुकानदारों व ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजना के तहत लाखों रुपये की लागत से सौर लाइटें लगायी गयी, लेकिन न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा गया और न ही नियमित निगरानी की व्यवस्था की गयी. परिणाम स्वरूप यह महत्वाकांक्षी योजना महज शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. बाजार के दुकानदारों ने आरोप लगाया कि बिना तकनीकी जांच के ही लाइटें स्थापित कर दी गयी, जिससे कुछ ही समय में वे खराब हो गयी. लोगों ने इसे सरकारी राशि का खुला दुरुपयोग बताया है. स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाये, दोषी एजेंसी पर कार्रवाई हो तथा खराब सौर लाइटों की शीघ्र मरम्मत या पुनः स्थापना सुनिश्चित की जाये, ताकि योजना का वास्तविक लाभ आम जनता को मिल सके.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

