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जीविका दीदियों को दिया जा रहा सिलाई प्रशिक्षण

Updated at : 25 Aug 2025 6:25 PM (IST)
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जीविका दीदियों को दिया जा रहा सिलाई प्रशिक्षण

जीविका दीदियों को दिया जा रहा सिलाई प्रशिक्षण

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आंगनबाड़ी बच्चों के लिए तैयार करेंगी पोशाक सहरसा . जिले में जीविका द्वारा संचालित सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सत्तरकटैया प्रखंड में जीविका दीदियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है. जिले के जिला परियोजना प्रबंधक श्लोक कुमार ने सोमवार को प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया व प्रशिक्षण की गुणवत्ता, दीदियों की सहभागिता व उनके उत्साह की सराहना की. जीविका के माध्यम से जिले के सभी प्रखंडों में सात दिवसीय गैर-आवासीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. इस प्रशिक्षण में जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं भाग ले रही हैं. जिनका उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण व उपयुक्त पोशाक तैयार करना है. प्रशिक्षण के दौरान दीदियों को बच्चों के लिए शर्ट हाफ व फुल स्लीव, पैंट फूल एवं हाफ एवं स्कर्ट की सिलाई सिखाई जा रही है. इस पहल की खास बात यह है कि प्रशिक्षण के बाद दीदियों द्वारा तैयार किये गये पोशाकों को जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को निःशुल्क वितरित किया जाएगा. इससे एक ओर बच्चों को सही माप के साफ-सुथरे एवं आकर्षक कपड़े मिलेंगे. वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर जीविका दीदियों को सिलाई के माध्यम से रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा. श्लोक कुमार ने बताया कि यह पहल बच्चों एवं महिलाओं दोनों के लिए लाभकारी है. बच्चों को शिक्षा पूर्व चरण में स्वच्छ व आकर्षक ड्रेस मिलेगी. जबकि महिलाओं को आय का एक स्थायी स्रोत मिलेगा. इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा. प्रशिक्षण में भाग ले रही दीदियों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से उन्हें अपने हुनर को पहचानने व आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है. सिलाई-कढ़ाई का यह प्रशिक्षण उन्हें भविष्य में अन्य कार्यों में भी सक्षम बनायेगा. डीपीएम ने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों में चार-चार बैचों में प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया है. अब तक 30 बैचों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है. शेष 10 बैचों का प्रशिक्षण इसी माह में संपन्न कराया जायेगा. प्रत्येक बैच में 25 दीदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रकार कुल एक हजार जीविका दीदियों को इस पहल से रोजगार का अवसर प्राप्त होगा. यह कार्यक्रम आंगनबाड़ी बच्चों के साथ महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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