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विज्ञान व मेडिकल साइंस ने भारत वर्ष की चिकित्सा पद्धति को पूरे विश्व में दी नयी पहचान

Updated at : 08 Sep 2025 5:53 PM (IST)
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विज्ञान व मेडिकल साइंस ने भारत वर्ष की चिकित्सा पद्धति को पूरे विश्व में दी नयी पहचान

विज्ञान व मेडिकल साइंस ने भारत वर्ष की चिकित्सा पद्धति को पूरे विश्व में दी नयी पहचान

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वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे पर रामचंद्र विद्यापीठ में हुई परिचर्चा, सीनियर छात्र-छात्राओं ने पेश किया मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम सोनवर्षा. सोमवार को सोनवर्षा नगर पंचायत क्षेत्र के सोहा स्थित रामचंद्र विद्यापीठ पारामेडिकल व नर्सिंग काॅलेज में बीपीटी व बीओटी के नये सत्र के नव नामांकित आगंतुक छात्र व छात्राओं के वर्गारंभ को लेकर इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया. वहीं वर्ल्ड फिजियोथेरेपी दिवस भी आयोजित किया गया. इस मौके पर बहुउद्देशीय सभागार में फिजियोथेरेपी में स्वस्थ शरीर में योग के महत्व विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन कर इसके निदान में फिजियोथेरेपी की भूमिका पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी. इंडक्शन मीट सह परिचर्चा कार्यक्रम का उद्घाटन ईस्ट एन वेस्ट काॅलेज समूह के चेयरमैन डॉ रजनीश रंजन, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस मौके पर मुख्य अतिथि चेयरमैन व प्राचार्य को विद्यापीठ की ओर से पाग, चादर, भेंट कर स्वागत व सम्मान किया गया. मौके पर चेयरमैन, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष डाॅ विकास कुमार, डाॅ दीपा कुमारी, डाॅ रिया, डाॅ दानिश ने मंच से सत्र 2025 का एकेडमिक कैलेंडर को जारी किया. मुख्य अतिथि डाॅ रजनीश रंजन ने अपने संबोधन में सभी छात्र-छात्राओं को वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे की शुभकामना देते कहा कि विज्ञान व मेडिकल साइंस ने भारत वर्ष की चिकित्सा पद्धति को पूरे विश्व में एक नयी पहचान दी है. जिसके कारण फिजियोथेरेपी ने चिकित्सा पद्धति को सबसे कारगर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. उन्होंने संस्थान के फिजियोथेरेपी छात्र-छात्राओं को पूरे मनोयोग के साथ शिक्षण प्राप्त कर समाज सेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आशीर्वाद दिया. साथ ही बीपीटी व बीओटी के नव नामांकित छात्र-छात्राओं को एकेडमिक कैलेंडर पर विस्तार से चर्चा करते कोर्स की विशेषता पर प्रकाश डाला. प्राचार्य डॉ राजन कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज समाज में फिजियोथेरेपी की उपयोगिता सभी मेडिकल कॉलेज व चिकित्सा विभाग की आवश्यकता है. भारतीय सेना से लेकर जिला अस्पताल में फिजियोथेरेपी आवश्यक है. लोगों के स्वस्थ जीवन जीने के लिए फिजियोथेरेपी ही एक मात्र निदान हो सकता है. सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बिखेरी छठा रामचंद्र विद्यापीठ की प्राध्यापिका डाॅ दीपा व ईस्ट एन वेस्ट फाउंडेशन के जन संपर्क पदाधिकारी अभय मनोज के संचालन में महाविद्यालय की सीनियर छात्र-छात्राओं ने स्वागत नृत्य से लेकर एक से बढ़कर एक खुबसूरत लोक नृत्य की प्रस्तुति से कार्यक्रम में छटा बिखेरा. खासकर बिहार की प्रसिद्ध लोक त्योहार छठ पूजा पर आधारित मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी. महाविद्यालय की छात्रा राजनंदनी, मनीषा, नंदनी, सपना, रेखा, नेहा ने बिहार की लोक आस्था पर केंद्रित छठ पर खुबसूरत नृत्य व गीत से मौजूद दर्शकों को खूब प्रभावित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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