जाम में फंस गया गंगजला लाइट ओवरब्रिज का मकसद, लोग रोज हो रहे परेशान

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 10 Jun 2026 11:10 AM

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गंगजला लाइट ओवरब्रिज के जाम पर फंसे लोग

Saharsa Traffic Jam: जिस लाइट ओवरब्रिज को जाम से राहत का समाधान माना गया था, वही अब लोगों की परेशानी का कारण बनता जा रहा है. सहरसा में गंगजला लाइट ओवरब्रिज के दोनों छोर पर अव्यवस्था और अतिक्रमण ने यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी है.

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Saharsa Traffic Jam: सहरसा में शहर के थाना चौक से गंगजला चौक रेलवे ढाला तक इन दिनों जाम की समस्या विकराल रूप ले चुकी है. दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से बनाए गए गंगजला लाइट ओवरब्रिज से लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है. ब्रिज पर चढ़ने और उतरने के दोनों ओर पर्याप्त जगह नहीं होने तथा कमजोर ट्रैफिक प्रबंधन के कारण राहगीरों और बाइक चालकों को रोजाना लंबी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ रहा है.

राहत के लिए बना था ओवरब्रिज, बढ़ गई परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि लाइट ओवरब्रिज का निर्माण रेलवे ढाला क्षेत्र में लगने वाले जाम को कम करने के लिए किया गया था. लेकिन वर्तमान स्थिति में ओवरब्रिज के दोनों छोर पर यातायात का दबाव इतना अधिक है कि लोग आसानी से आवागमन नहीं कर पा रहे हैं. नतीजा यह है कि पैदल यात्रियों से लेकर बाइक सवारों तक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद नहीं सुधर रही स्थिति

थाना चौक और गंगजला चौक पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती होने के बावजूद जाम की समस्या लगातार बनी हुई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार ट्रैफिक कर्मी मौके पर सक्रिय नहीं दिखते, जिससे वाहन चालक मनमाने तरीके से सड़क पर वाहन खड़ा कर देते हैं और यातायात बाधित हो जाता है.

अतिक्रमण बना जाम की बड़ी वजह

थाना चौक से गंगजला रेलवे ढाला तक सड़क किनारे अवैध रूप से लगी दुकानों को भी जाम का प्रमुख कारण माना जा रहा है. खासकर वाहनों को फूलों से सजाने और अन्य अस्थायी कारोबार करने वाले दुकानदार सड़क की काफी जगह घेर लेते हैं. इससे सड़क संकरी हो जाती है और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है.

स्थानीय लोगों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब तक सड़क किनारे के अतिक्रमण को नहीं हटाया जाएगा और ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी नहीं बनाया जाएगा, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है. लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रेलवे ढाला और ओवरब्रिज के आसपास नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और अवैध दुकानों को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित किया जाए.

बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन से मिल सकती है राहत

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि ओवरब्रिज के दोनों छोर पर ट्रैफिक पुलिस की सख्त निगरानी हो और यातायात संचालन को व्यवस्थित किया जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है. लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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