सहरसा के विकास को मिलेगी नई रफ्तार? मंत्री के सामने रखी गईं तीन बड़ी जनहितकारी मांगें

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 02 Jun 2026 3:01 PM

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सहरसा - मंत्री जी को मांगपत्र व गुलदस्ता देते भाजपा मीडिया प्रभारी

Saharsa News : सहरसा के विकास और जनसुविधाओं को लेकर भाजपा नेता ने जिला प्रभारी मंत्री के सामने तीन अहम मांगें रखीं. पार्क, स्कूल और प्रेक्षागृह से जुड़ी इन मांगों के पूरा होने पर हजारों लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है.

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विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट.

Saharsa News : सहरसा शहर में जनसुविधाओं के विस्तार और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है. सामाजिक कार्यकर्ता सह भाजपा जिला मीडिया प्रभारी कुमार अमरज्योति ने जिला प्रभारी मंत्री एवं बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपकर तीन महत्वपूर्ण जनहितकारी मांगें रखीं. उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के लागू होने से शहर के बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा तथा शहर के विकास को नई दिशा मिलेगी.

बंद पड़े रेशम उद्योग परिसर को पार्क बनाने की मांग

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग पॉलिटेक्निक ढाला के समीप वर्षों से बंद पड़े रेशम उद्योग परिसर को सार्वजनिक पार्क के रूप में विकसित करने की है. कुमार अमरज्योति ने कहा कि शहर के मध्य क्षेत्र में एक भी बड़ा और व्यवस्थित सार्वजनिक पार्क नहीं है. इसके कारण आसपास के लगभग दस वार्डों के नागरिक, बच्चे और बुजुर्ग खेलकूद, मॉर्निंग वॉक, योग और मनोरंजन जैसी गतिविधियों से वंचित हैं.

उन्होंने कहा कि यदि इस परिसर को पार्क के रूप में विकसित किया जाता है तो यह शहरवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल बन सकता है.

तिवारी टोला विद्यालय में बेहतर सुविधाओं की मांग

ज्ञापन में दूसरी मांग तिवारी टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय के जीर्णोद्धार से जुड़ी है. उन्होंने विद्यालय भवन की मरम्मत के साथ-साथ बच्चों के लिए खेल मैदान और स्वच्छ शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया.

उनका कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए केवल कक्षाएं ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण भी मिलना चाहिए. इससे शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.

प्रेक्षागृह शुल्क कम करने की उठी आवाज

तीसरी मांग शहर के प्रेक्षागृह से संबंधित है. उन्होंने कहा कि यह भवन सांस्कृतिक, सामाजिक और सार्वजनिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र है, लेकिन उपयोग शुल्क अधिक होने के कारण कई सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिक इसका लाभ नहीं उठा पाते.

उन्होंने प्रेक्षागृह के उपयोग शुल्क में कमी करने, इसके संचालन को अधिक प्रभावी बनाने तथा एक प्रबंधन समिति गठित करने की मांग की. साथ ही समिति में शहर के गणमान्य नागरिकों को भी प्रतिनिधित्व देने का सुझाव दिया.

जनहित में कार्रवाई की उम्मीद

कुमार अमरज्योति ने जिला प्रभारी मंत्री से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया. उनका कहना है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से सहरसा में जनसुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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