सहरसा में अनुराग गली नाला मामले में नगर आयुक्त पर ₹5,000 जुर्माना, स्थायी लोक अदालत ने एक महीने में कार्रवाई का दिया आदेश

फोटो - सहरसा - स्थाई लोक अदालत में हो रही सुनवाई | Prabhat Khabar Network
स्थायी लोक अदालत ने अनुराग गली नाला मामले में सहर्षा नगर निगम के आयुक्त पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया है. अदालत ने एक महीने के भीतर कार्रवाई का आदेश दिया है. यह फैसला नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है.
Saharsa Nagar Nigam: सहरसा नगर निगम के लिए अनुराग गली नाला मामला अब केवल स्थानीय शिकायत नहीं, बल्कि न्यायिक कार्रवाई का विषय बन गया है. जिला स्थायी लोक अदालत ने नाला निर्माण, सफाई और जलनिकासी व्यवस्था में लापरवाही को गंभीर मानते हुए नगर आयुक्त पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में आदेश का पालन नहीं किया गया, तो यह राशि नगर आयुक्त के वेतन से वसूली जाएगी.
यह आदेश पीएलए वाद संख्या 04/26 कलेंद्र प्रसाद सिंह बनाम नगर आयुक्त की सुनवाई के दौरान दिया गया.
एक महीने में नाले की मरम्मत या पुनर्निर्माण का निर्देश
स्थायी लोक अदालत की पीठ, जिसमें अध्यक्ष महेश प्रसाद सिंह, सदस्य विकास रंजन दफ्तुआर और मनोज प्रसाद शामिल थे, ने अनुराग गली स्थित नाले की स्थिति पर कड़ी टिप्पणी की.
पीठ ने नगर निगम को निर्देश दिया कि संबंधित नाले का तत्काल पुनर्निर्माण या आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके.
बरसात में हर 15 दिन पर होगी नाले की सफाई
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि बारिश के मौसम में कम से कम हर 15 दिन में एक बार नाले की सफाई अनिवार्य रूप से कराई जाए.
साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि नाले से निकलने वाले पानी के प्राकृतिक प्रवाह में किसी भी प्रकार का अवरोध न होने पाए. जलनिकासी बाधित होने से आसपास के इलाकों में जलजमाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई और टैक्स वसूली का निर्देश
स्थायी लोक अदालत ने नगर निगम को यह भी आदेश दिया कि नाले में कचरा डालकर जलनिकासी व्यवस्था बाधित करने वाले लोगों की पहचान की जाए और संबंधित नियमावली के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए.
इसके अलावा अनुराग गली नाला क्षेत्र के आसपास रहने वाले जिन लोगों ने अब तक होल्डिंग टैक्स का भुगतान नहीं किया है, उनसे नियमानुसार टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है.
आदेश नहीं माना तो वेतन से कटेगा जुर्माना
पीठ ने नगर निगम को पूरे आदेश का एक महीने के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं की जाती है, तो ₹5,000 का जुर्माना नगर आयुक्त के वेतन से वसूल किया जाएगा. अदालत ने अपने आदेश की प्रति जिलाधिकारी को भी सूचनार्थ भेज दी है.
Saharsa Nagar Nigam: क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला
सहरसा शहर में नालों की सफाई, जलनिकासी और बरसात के दौरान जलजमाव लंबे समय से स्थानीय लोगों की प्रमुख समस्याओं में शामिल रहे हैं. ऐसे मामलों में स्थायी लोक अदालत का यह आदेश प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस फैसले के बाद अनुराग गली नाला की स्थिति में सुधार होगा और बरसात के दौरान होने वाली जलनिकासी की समस्या से राहत मिलेगी.
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