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ना बारिश, ना बिजली, कैसे होगी धान की रोपाई

Updated at : 19 Jul 2025 6:19 PM (IST)
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ना बारिश, ना बिजली, कैसे होगी धान की रोपाई

इन दिनों किसानों द्वारा धान की रोपाई पूरे लय के साथ की जा रही है. लेकिन इस बार दो बड़ी चुनौतियों का सामना क्षेत्र के किसानों को करना पड़ रहा है.

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बारिश देगी दगा, तो बिजली अनियमित आपूर्ति बढ़ा रही परेशानी

पतरघट. इन दिनों किसानों द्वारा धान की रोपाई पूरे लय के साथ की जा रही है. लेकिन इस बार दो बड़ी चुनौतियों का सामना क्षेत्र के किसानों को करना पड़ रहा है. पहली चुनौती बारिश की कमी और दूसरी चुनौती अनियमित बिजली आपूर्ति की बनी हुई है. प्रचुर मात्रा में बारिश नहीं होने के कारण किसान इस बार खेती के लिए बिजली आपूर्ति पर निर्भर थे, लेकिन बिजली विभाग के द्वारा अनियमित बिजली कटौती से क्षेत्र के किसान काफी परेशान हैं. पूर्व में विद्युत आपूर्ति प्रशाखा पतरघट से क्षेत्रवासियों को बिजली सप्लाई अच्छे तरीके से की जाती थी. लेकिन इन दिनों भीषण गर्मी में बिजली कटौती से किसानों के साथ साथ आमजन काफी परेशान हैं. भीषण गर्मी में बिजली गायब रहने से आम लोग के अलावे किसान भी परेशान हैं. उसमें भी सुबह 8-9 बजे के बाद से दोपहर तक बिजली बाधित रहती है, जिस वजह से किसान काफी परेशान हैं. किसानों का कहना है कि भीषण गर्मी व धान की रोपाई के सीजन में 10 घंटे दिन में बिजली की नियमित सप्लाई मिलनी चाहिए, लेकिन विभाग द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है. जिसके कारण किसान खेतों में धान की रोपाई बेहतर ढंग से नहीं कर पा रहे हैं. सुरमाहा निवासी जिप सदस्य डॉ मिथिलेश राणा उर्फ मुन्ना यादव, रंजन कुमार, उमाकांत यादव, भजनपट्टी निवासी सुभाष यादव, पस्तपार निवासी राजकिशोर कामती, लक्ष्मीपुर निवासी जालेश्वर मंडल, पहाड़पुर निवासी सुरेश यादव, जम्हरा निवासी गोपाल यादव, भद्दी निवासी मृत्युंजय सिंह सहित अन्य ने बताया कि धान रोपाई के लिए खेतों में पानी की अधिक जरूरत है, लेकिन बिजली विभाग 33 केवी मेंटेनेंस के नाम पर लगातार प्रतिदिन सुबह से दोपहर तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित रखती है. प्रखंड क्षेत्र के ज्यादातर किसान धान रोपाई के लिए खेत में पटवन करने के लिए मोटर लगाकर बिजली आने का इंतजार करते रहते हैं. किसानों का कहना है कि खेतों तक बिजली आने के बाद ज्यादातर लोगों के पास मोटर एवं एक-दो किसानों के पास पंपसेट है. ऐसे में धान की रोपाई का समय चल रहा है. किसानों को सिंचाई के लिए डीजल पंप का सहारा लेना पड़ रहा है. जो किसानों के लिए काफी महंगा साबित हो रहा है. इतना हीं नहीं किसान एक दिन पूर्व ही धान रोपाई के लिए मजदूर को कह देता है और दिन भर बिजली गायब रहने से रोपाई का खर्च भी बढ़ जाता है. जिप सदस्य डॉ मिथिलेश राणा ने बताया कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं. किसानों की कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है. यह भी आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी किसानों का फोन भी नहीं उठाते हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि बिजली की सप्लाय में अगर अविलंब सुधार नहीं हुआ तो बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ शीघ्र ही बहुत बड़ा आंदोलन किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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