जिले को सुखाग्रस्त व अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर डीएओ को सौंपा स्मार पत्र

जिले को सुखाग्रस्त व अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर डीएओ को सौंपा स्मार पत्र
राज्य सरकार से सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने का किया मांग सहरसा . बिहार राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव रणधीर यादव, किसान नेता नसीम उद्दीन व नौजवान नेता कुलानंद कुमार ने सोमवार को जिला कृषि पदाधिकारी को स्मार पत्र सौंप जिला को सूखाग्रस्त एवं अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग बिहार सरकार से की. किसान सभा के प्रांतीय संयुक्त सचिव रणधीर यादव ने कहा कि जिले के किसान काफी कठिन परिश्रम एवं आर्थिक लागत के सहारे धान की खेती के साथ खरीफ की फसल को लगाया. धान की बिचड़ा गिराने, रोपनी करने से लेकर अभी तक बारिश का अभाव रहा. सरकार की घोषणा हर खेत को पानी के लिए खेतों तक मुक्त बिजली पहूंचाने की योजना आधी अधूरी ढ़ाक के तीन पात वाली कहानी साबित हो रही है. बाबजूद किसान मंहगी डीजल व डीजल पंप के सहारे किसान अपनी फसल को बचाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं. लेकिन धान, पान नित्य स्नान में बारिश का अभाव फसल को बर्बाद कर रहा है. जैसे जैसे बारिश का समय बिताता जा रहा है व बारिश का घोर अभाव होता जा रहा है वैसे वैसे किसान अपने खेतों एवं फसलों की बर्बादी देखकर हताश व निराश हैं. प्रकृति पर आश्रित जिले की कृषि औसत बारिश का आधा बारिश भी नहीं होने के चलते किसानों के उम्मीद पर पानी फेर दिया है. किसान अपने भविष्य को सोचकर बिन पानी मछली की तरह छटपटा रहे हैं. ऐसे विषम परिस्थिति में सरकार की आर्थिक सहायता एवं मुआवजा ही किसान का सहारा हो सकता है. जिसे देखते बिहार राज्य किसान सभा जिला कमेटी ने जिला कृषि पदाधिकारी के माध्यम बिहार सरकार से मांग किया कि जिले को सुखाग्रस्त एवं अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते किसानों को उचित मुआवजा देऔ. नहीं तो किसान सभा आंंदोलश पर उतारू होगी. फोटो – सहरसाब 13 – डीएओ को स्मार पत्र सौंपते किसान सभा नेता व अन्य.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




