कमियों को छिपा एसेसमेंट टीम को लुभाने में जुटा रहा प्रबंधन
Updated at : 25 Feb 2026 5:40 PM (IST)
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मॉडल सदर अस्पताल में कायाकल्प कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित पीयर एसेसमेंट को लेकर मंगलवार को दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा.
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निर्धारित तिथि पर नहीं पहुंच अगले दिन पहुंची कायाकल्प टीम
सहरसा. मॉडल सदर अस्पताल में कायाकल्प कार्यक्रम के तहत प्रस्तावित पीयर एसेसमेंट को लेकर मंगलवार को दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा. अस्पताल प्रशासन ने एक्सटर्नल टीम के स्वागत और निरीक्षण की तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी. कमियों को छिपाने के लिए पूरे मॉडल अस्पताल परिसर के बाहरी हिस्से को साइडर लगाकर घेराबंदी कर दी, लेकिन निर्धारित तिथि के बावजूद मंगलवार देर शाम तक टीम अस्पताल नहीं पहुंच सकी. पहले दिन टीम के नहीं आने से अधिकारी और कर्मी इंतजार करते रहे. वहीं अगले दिन बुधवार को टीम मॉडल सदर अस्पताल पहुंची और अपने एसेसमेंट की शुरुआत मैनेजर चैंबर के टेबल पर सजाकर रखे नाश्ते से की. जानकारी के अनुसार, 24 और 25 फरवरी को पीयर एसेसमेंट की प्रक्रिया तय थी. इसे लेकर पिछले कई दिनों से अस्पताल परिसर में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा था. वार्डों की रंगाई-पुताई, शौचालयों की सफाई, दवा काउंटरों की व्यवस्था, ओपीडी कक्षों की साज-सज्जा, रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित करना, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की व्यवस्था को दुरुस्त करना सहित विभिन्न मानकों पर तैयारियां की गयी थी. अस्पताल के हर विभाग को अलर्ट मोड में रखा गया था, जिससे अस्पताल के अंदर के कमियों को बाहर नहीं लाया जा सके.क्या है कायाकल्प
कायाकल्प योजना के अंतर्गत वैसे स्वास्थ्य संस्थानों का पीयर एसेसमेंट किया जाता है, जिन्होंने 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं अथवा निर्धारित मानदंडों के अनुसार आवेदन किया है. इस प्रक्रिया के तहत बाहरी विशेषज्ञों की टीम अस्पताल पहुंचकर विभिन्न बिंदुओं पर सूक्ष्म निरीक्षण करती है. यह पूरा एसेसमेंट राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संचालित होता है. एसेसमेंट के दौरान अस्पताल में स्वच्छता की स्थिति, संक्रमण नियंत्रण उपाय, दवा भंडारण प्रणाली, मरीजों के रिकॉर्ड का संधारण, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट का निपटान, प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था, पेयजल एवं शौचालय की उपलब्धता, मरीजों के लिए सुविधाएं तथा गुणवत्ता मानकों की विस्तृत समीक्षा की जाती है. इसके अलावा मरीजों एवं उनके परिजनों से फीडबैक भी लिया जाता है. वहीं अस्पताल प्रशासन द्वारा टीम को मीडिया से दूर ही रखा गया. वैसे टीम अपने निर्धारित तिथि से एक दिन बाद बुधवार को एसेसमेंट के लिए पहुंच अपने कार्यों में लग गयी. वहीं अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि मरीजों को सुविधा मिले या ना मिले, लेकिन एसेसमेंट में बेहतर प्रदर्शन कर संस्थान को उच्च अंक प्राप्त होंगे, जिससे अस्पताल की रैंकिंग सुधरेगी, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, इससे अस्पताल प्रशासन को कोई सरोकार तक नहीं है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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