उर्वरक के संतुलित उपयोग पर किसानों को दी गयी महत्वपूर्ण जानकारी

प्रखंड कृषि कार्यालय में बुधवार को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
जागरूकता कार्यक्रम में किसानों को दिया गया उर्वरक संतुलन का मंत्र
सलखुआ. प्रखंड कृषि कार्यालय में बुधवार को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें उर्वरक के संतुलित उपयोग और एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी गयी. कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आत्मा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करना और मिट्टी की सेहत को संरक्षित रखने के उपायों से अवगत कराना था. कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने स्पष्ट रूप से बताया कि बिना मिट्टी जांच के अंधाधुंध उर्वरकों का उपयोग खेतों के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि यूरिया, डीएपी और पोटाश जैसे रासायनिक उर्वरकों का जरूरत से ज्यादा प्रयोग मिट्टी की उर्वरता को धीरे-धीरे खत्म कर देता है, जिससे उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ता है. इसलिए किसानों को सलाह दी गयी कि वे पहले मिट्टी की जांच करायें, उसके बाद ही आवश्यकतानुसार उर्वरकों का उपयोग करें.प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभिजीत कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी जांच आधारित खेती ही भविष्य की टिकाऊ खेती है. इससे जहां उत्पादन बढ़ता है, वहीं अनावश्यक खर्च भी कम होता है. उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और पारंपरिक तरीकों में सुधार करने की अपील की. वहीं प्रखंड तकनीकी प्रबंधक मनोज कुमार, सहायक तकनीकी प्रबंधक इंद्रपाल सिंह और वकील कुमार ने एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने जैविक और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि इससे मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है. इस मौके पर भाकपा नेता ओमप्रकाश नारायण, अमर कुमार, पप्पू, घनश्याम यादव, संजीव यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे.
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