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मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित सरकारी भूमि में अंधाधुंध हो रहा अवैध खनन व पेड़ की कटाई

Updated at : 03 Jun 2025 6:29 PM (IST)
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मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित सरकारी भूमि में अंधाधुंध हो रहा अवैध खनन व पेड़ की कटाई

अंधाधुंध हो रहा अवैध खनन व पेड़ की कटाई

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सत्तरकटैया . सत्तर पंचायत के मेनहा गांव में मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित सरकारी भूमि में आये दिन अंधाधुंध अवैध खनन व पेड़ की कटाई की जा रही है. दरअसल अंचल सत्तर कटैया, थाना नंबर 173, मौजा सत्तर स्थित मेनहा गांव में खाता 754 के विभिन्न खेसरों को मिलाकर कुल 65 एकड़ सरकारी गैर मजरुआ खास व सीलिंग की जमीन उपलब्ध है. जिस पर वर्षो से कुछ लोगों ने अवैध कब्जा जमा रखा था और जमीन की खरीद बिक्री भी की गयी. इस जमीन में कुछ लोगों ने पेड़ भी लगा रखा है और कुछ ने घर भी बना लिया है. अधिकांश भूखंड खाली पड़ा हुआ है. जिला प्रशासन ने जांच पड़ताल के बाद इस जमीन को सरकारी संपति घोषित कर दी और रैयतों की जमाबंदी को रद्द कर दिया. इस जमीन के कुछ हिस्से पर प्लस टू अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया गया है और 21.27 एकड़ भूमि राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल सहरसा के लिए चिह्नित की गयी है. मेडिकल कॉलेज के लिए चिह्नित भूमि में कुछ खाली है और कुछ में विभिन्न तरह के पेड़ पौधे लगे हुए हैं. इस जमीन पर अवैध कब्जा जमाये हुए लोगों ने चोरी छिपे पेड़ को बेचना व काटना शुरू कर दिया है. वहीं कुछ बालू माफिया ने बगीचा से पश्चिम अवैध खनन करना शुरू कर दिया है और मिट्टी काटकर रात भर चोरी छिपे बिक्री करते रहता है. इस बालू माफिया से विभाग के अधिकारी व थाना पुलिस की सांठ गांठ रहती है. वैसे तो इस जमीन पर वर्षो से अवैध खनन हो रहा है. जिसके कारण कई एकड़ का भूखंड गढ़ानुमा बन गया है. मेडिकल कॉलेज बनने की घोषणा होते ही अंधाधुंध वृक्षों की कटाई शुरू हो गयी है. लेकिन वन विभाग का ध्यान आकृष्ट नही हो रहा है. लाखों करोड़ों की संपति को चोरी छिपे औने पौने दाम पर बेचा जा रहा है. इस मामले में पूछने पर सीओ शिखा सिंह ने बताया कि अवैध खनन रोकना माइनिंग विभाग का काम है और पेड़ जो कट रहा है, उसे रोकना वन विभाग का काम है. वैसे मैं छुट्टी में हुं आने के बाद मामले को देखूंगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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