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जो खोया उसका गम नहीं, जो पाया वह किसी से कम नहींः डॉ सुधीर कुमार सिंह

Updated at : 16 Sep 2025 5:53 PM (IST)
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जो खोया उसका गम नहीं, जो पाया वह किसी से कम नहींः डॉ सुधीर कुमार सिंह

जो खोया उसका गम नहीं, जो पाया वह किसी से कम नहींः डॉ सुधीर कुमार सिंह

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एमएलटी कॉलेज के शिक्षा शास्त्र विभाग में हिंदी दिवस पखवाड़ा समापन समारोह सहरसा . एमएलटी कॉलेज के शिक्षा शास्त्र विभाग में मंगलवार को हिंदी दिवस पखवाड़ा समापन समारोह सह स्वागत व विदाई समारोह का भव्य व रंगारंग आयोजन किया गया. जिसके मुख्य अतिथि कॉलेज प्रधानाचार्य प्रो डॉ सुधीर कुमार सिंह थे. कार्यक्रम का संचालन डॉ सिंकू आनंद ने किया. मुख्य अतिथि प्रो सुधीर कुमार सिंह एवं शिक्षाशास्त्र विभाग के शिक्षकगण ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. प्रारंभ में शिक्षा शास्त्र विभाग की छात्राओं ने मां शारदे कहां तू वीणा बजा रही है सरस्वती वंदना प्रस्तुत की. उसके बाद स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो डॉ सुधीर कुमार सिंह ने बीएड विभाग को जीवंत एवं सक्रिय बताया. उन्होंने छात्राध्यापक व छात्राध्यापिकाओं को संदेश देते कहा कि जीवन में ऐसी सोच रखिए कि जो खोया उसका गम नहीं, जो पाया वह किसी से कम नहीं. कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष शिक्षा शास्त्र संकाय डॉ सुप्रिया सिन्हा ने हिंदी को माथे की बिंदी कही. डॉ रूपेश झा ने स्वागत संबोधन करते हिंदी पखवाड़े में विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन देते हिंदी को समृद्धि का वाहक बताया. साथ ही कहा कि एक राष्ट्र एक भाषा होना अति आवश्यक है. इसके लिए हिंदी से बेहतर और कोई विकल्प नहीं. अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं पाग प्रदान कर किया गया. डॉ बिजली प्रकाश ने हम छी सीता, हमर ई जनक नगरी गीत के माध्यम से मिथिला की धरती पर अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम का बीज वक्तव्य देते हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ मयंक भार्गव ने डिजिटल युग में हिंदी भाषा एवं शिक्षकों को नये औजारों व संवेदना से जुड़ने की आवश्यकता बतायी. डॉ हर्षवर्धन ने भाषा को संवेदना का अभिन्न हिस्सा बताया. साथ ही इस संवेदना की अभिव्यक्ति के लिए हिंदी को श्रेष्ठ बताया. हिंदी पखवाड़ा में अच्छे प्रदर्शन के लिए विभाग की छात्रा चंद्रकांता नैना को सम्मानित किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ सिंकू आनंद ने प्रभावशाली वंशी वादन प्रस्तुत किया. विभाग के प्राध्यापक डॉ एएन पांडेय ने पूरबी शैली के प्रसिद्ध लोक गीत रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे की अभिनव प्रस्तुति दी. विभाग के ही प्राध्यापक डॉ धनंजय यादव ने भी जहिया से चल गेल लोकगीत को सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया. पिछले सत्र की मिस फ्रेशर रिशु ने प्रसिद्ध भक्ति गीत सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आये हैं की संगीतमय प्रस्तुति दी. नवागंतुक प्रशिक्षु पूजा ने पारंपरिक गीत चारो दूल्हा में बड़का कमाल सखिया पर फ्यूजन शैली में एकल नृत्य किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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