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हिंदी केवल राजभाषा ही नहीं जनभाषा है

Updated at : 14 Sep 2025 5:56 PM (IST)
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हिंदी केवल राजभाषा ही नहीं जनभाषा है

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हिंदी दिवस पर एमएलटी कॉलेज में हुई संगोष्ठी सहरसा . एमएलटी कॉलेज स्थित इग्नू सहायता केंद्र में रविवार को हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस मौके पर प्रधानाचार्य प्रो. डॉ सुधीर कुमार सिंह ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 में वर्णित राजभाषा संबंधी उपबंध के आलोक में प्रशासनिक व सरकारी कार्यों में हिंदी का प्रयोग भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है. हिंदी दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग डॉ मयंक भार्गव ने कहा कि राजभाषा प्रत्येक देश व संस्कृति की प्राण होती है. स्वतंत्रता के बाद भारत के जन-मन के गौरव को प्रतिष्ठित करने में राजभाषा हिंदी की प्रमुख भूमिका रही है. राजभाषा दिवस इस संबंध में अभी और कार्य किए जाने की याद दिलाता है. इग्नू समन्वयक डॉ अरविंद कुमार यादव ने कहा कि हिंदी केवल राजभाषा ही नहीं जनभाषा है. इस डिजिटल युग में हिंदी का प्रचार प्रसार द्रुत गति से हो रहा है. यह हर तरह के कार्यों के लिए सक्षम भाषा है. हरेक क्षेत्र में इस भाषा का प्रयोग किया जाता है. इस मौके पर सुधांशु शेखर व गृहमंत्री अमित शाह द्वारा दिये गये राजभाषा संबंधी संदेश को पढ़कर सुनाया गया. कार्यक्रम का संचालन आशुतोष कुमार सिंह ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ विवेक कुमार ने किया. कार्यक्रम में डॉ प्रशांत कुमार मनोज, अमित कुमार सिंह, अतुल कुमार सिंह, पप्पू कुमार यादव, जतिन कुमार सहित अन्य मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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