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बाढ़ राहत कार्य में तेजी लाये सरकार व प्रशासनः रणधीर

Updated at : 06 Oct 2024 5:24 PM (IST)
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बाढ़ राहत कार्य में तेजी लाये सरकार व प्रशासनः रणधीर

बाढ़ राहत कार्य में तेजी लाये सरकार व प्रशासनः रणधीर

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सीपीएम की टीम ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा सहरसा. कोसी बाढ़ पीड़ितों के हालात व जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्य की जानकारी के लिए सीपीएम जिला सचिव रणधीर यादव के नेतृत्व में प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया गया. जिला सचिव ने कहा कि 28 सितंबर को कोसी बराज से साढ़े छह लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जो तबाही व बर्बादी तटबंध के अंदर के जान माल को हुई, वह भयावह दृश्य रोंगटे खड़ी करने वाली है. 29 सितंबर को कोसी अपने भयंकर रोद्र रूप में तमाम चीजों को अपने आगोश में समाने को तैयार थी. कोसी तटबंध के दोनों ओर पानी तटबंध के ऊपर से कई जगह ओवर फ्लो कर बांध को तोड़ते अपना नया ठिकाना खोज रही थी. दरभंगा जमालपुर थाना के उत्तर भुभौल के पास आधी रात को कोसी ने अपना नया मुहाना बना ही लिया. दरभंगा जिला के किरतपुर व धनश्यामपुर प्रखंड के कई गांवों के साथ सहरसा जिले के महिषी प्रखंड के धोधेपुर पंचायत के धोधेपुर, पंचभींडा, शंकरथुआ , सोहरवा, बालूबाडी, तेलवा पश्चिमी पंचायत के समानी, पीपड़तांती, तीराघाट, बघवा पंचायत के गंडौल, रही टोल, बीरगांव पंचायत के बहरामपुर गांव को भी जलमग्न एवं तबाह कर ही दिया. कोसी के इस विकराल तांडव ने वीरपुर से कबीरपुर तक 120 किलोमीटर दूरी में बसे हजारों घरों एवं लाखों परिवारों को जीना दूभर कर दिया. कितने लोगों के घर द्वार माल मेवशी ही नहीं उनके भविष्य के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया. तटबंध टूटने के बाद जहां एक ओर नये इलाके के लोग तबाह व बर्बाद हो रहे हैं. तो तटबंध के अंदर के लोग भी विस्थापित हो गये हैं. सारा कुछ पानी में बह गया. बेघर हुए लोग नीचे पानी, ऊपर धूप, घर में खाने को कुछ नहीं, पीने को शुद्ध जल नहीं में जिंदगी जीने को मजबूर हैं. ऐसी विषम परिस्थिति में सरकार व प्रशासन के लोग कछुए के चाल से राहत सामग्री लोगों के बीच ऊंट के मुंह में जीरा का फोरन समान भेज रही है. सूखा अनाज व प्लास्टिक भी लोगों में नहीं के बराबर गया है. सामुदायिक किचन फेल है, जो चिंता का विषय है. सरकार कहती है सात हजार रुपए हर परिवार को राहत के रूप में देंगे. पता नहीं उसका भी क्या होगा. कितने लोगों को मिलेगा या भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ जायेगा. सीपीएम की टीम ने निगम सरकार एवं प्रशासन से मांग की है कि युद्ध स्तर पर राहत बचाव कार्य चालू करें. सूखा अनाज व प्लास्टिक सभी को तुरंत मुहैया कराया जाये. सामुदायिक किचन हर गांव में चलाया जाये. प्रति परिवार दो क्विंटल अनाज, दस हजार रुपए एवं पशु चारा की व्यवस्था की जाये. पीने लायक शुद्ध पानी की व्यवस्था की जाये. विस्थापितों को पुनर्वासित किया जाये. डाक्टरों की टीम व दवा हर गांव में भेजी जाये. जान माल की क्षति मुआवजा दिया जाये. अगले फसल होने तक पीड़ित परिवारों को जीने लायक व्यवस्था की जाये. रबी फसल के लिए खाद, बीज, कीटनाशक दवा समय से उपलब्ध करायी जाये. उन्होंने कहा कि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो पार्टी आंदोलन पर उतारू होगी. सीपीएम टीम के सदस्यों में शकील अहमद खां, मिथिलेश कुमार सिंह, युनूस भारती, राहुल कुमार, रेहान खान उर्फ रिंकू सहित अन्य थे.

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