बीमारियों को आमंत्रण दे रहा मॉडल अस्पताल के पीछे जमा गंदा पानी

Updated at : 11 May 2024 6:20 PM (IST)
विज्ञापन
बीमारियों को आमंत्रण दे रहा मॉडल अस्पताल के पीछे जमा गंदा पानी

बीमारियों को आमंत्रण दे रहा मॉडल अस्पताल के पीछे जमा गंदा पानी

विज्ञापन

कचरों के बीच से निकलने वाले कीड़े-मकोड़े से लेकर बीमार करने वाले सभी तरह के मच्छर तक पनपते हैं वहां

सहरसा.सदर अस्पताल के साथ-साथ अब मॉडल अस्पताल भी अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा भुगतने को तैयार दिख रहा है. कचरा से शुरू होकर गंदे पानी का जल-जमाव मॉडल अस्पताल के अस्तित्व पर भारी पड़ सकता है. कचरे के साथ साथ जल-जमाव की समस्या अस्पताल के लिए कोई नयी नहीं है. लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई भी प्रयासरत नहीं दिख रहा. अस्पताल प्रबंधन बेहतर सुविधा का हवाला देने में कोई कसर नहीं छोड़ती है. लेकिन सुविधा किस कदर तक मरीजों को नसीब होती है वह तो मरीज ही जानते हैं. मॉडल अस्पताल उद्घाटन के सवा साल पूरे हो चुके हैं. लेकिन वहां कुछ भी मॉडल काम नहीं कर रहा. मरीज इलाज के लिए पहुंच तो जाते हैं. भर्ती भी हो जाते हैं. लेकिन उन्हें डर बस इस बात का सताता रहता है कि यहां इलाज करा कर स्वस्थ होंगे या अन्य किसी बीमारी को साथ लेकर यहां से अन्य अस्पताल का रास्ता देखेंगे. मामला कोई छोटा नहीं बस घातक है. बस यह मामला अस्पताल प्रशासन के लापरवाही की पोल खोल रहा है. जिसके बीच सैकड़ों मरीज रोजाना अपनी जिंदगी को दांव पर लगाकर इस अस्पताल का सहारा ले रहे हैं.

कई बीमारियों को दे रहा आमंत्रण

स्पष्ट मामला यह है कि लगभग छह माह पूर्व से ही मॉडल अस्पताल भवन के पीछे खाली जगहों पर मेडिकल वेस्ट कचरों के बीच अस्पताल सहित बारिश का गंदा पानी हिलकोरे मार रहा है. अस्पताल में इलाजरत भर्ती मरीज के वार्डों की सभी खिड़कियां उसी जल-जमाव की तरफ खुलती है. जहां कचरों के बीच से निकलने वाले कीड़े मकोड़े से लेकर बीमार करने वाले सभी तरह के मच्छर तक पनपते हैं. जो खिड़की से होकर बीमार मरीज तक आसानी से पहुंच रहे हैं. जिसे देखकर ही भर्ती मरीजों की बीमारी ठीक होने के बजाय बढ़ने लगती है. तरह तरह के कीड़े-मकोड़े अंधेरा होते ही करोड़ों के अस्पताल में घुसकर मरीजों को लाइलाज करने में जुट जाती है. जबकि जल-जमाव वाली स्थल पर शौचालय का सेफ्टी टैंक भी ढ़क चुका है. जिससे शौचालय की सारी गंदगी जमा पानी में मिलकर और भी खतरनाक और बदबूदार हो गई है. वहीं जल-जमाव के बीच ही ऑक्सीजन सप्लाई के लिए रूम बना है. जहां से कर्मी अस्पताल के वार्डों में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पूरी प्रक्रिया करते हैं. बावजूद अस्पताल प्रबंधन के लोग सिर्फ अपना कोरम पूरा करने अस्पताल के अंदर पहुंचते हैं. अस्पताल की समस्या को लेकर जब सिविल सर्जन मुकुल कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी ने इस तरह की समस्या की बात मुझे नहीं बताया है. आपके माध्यम से संज्ञान में आया है. जिसको लेकर हम सभी अधिकारी से बात करते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन