धरती से जुड़े, सरल, लेकिन विचारों में अडिग थे डॉ राजेंद्र प्रसाद : प्राचार्य
Author Dipankar shriwastaw
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नगर निगम क्षेत्र के हटिया गाछी स्थित सहरसा पब्लिक स्कूल में बुधवार को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 142वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी.
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सहरसा पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनायी गयी डॉ राजेश प्रसाद की 142वीं जयंती
सहरसा. नगर निगम क्षेत्र के हटिया गाछी स्थित सहरसा पब्लिक स्कूल में बुधवार को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 142वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी. इस मौके पर विद्यालय के प्राचार्य ने डॉ राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण किया. वहीं शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं बच्चों ने भी उनके चित्र पर श्रद्धा के दो पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को रेखांकित किया. प्राचार्य अवनीश कुमार वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद केवल एक संवैधानिक पदधारी नहीं थे, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के भी सेनानी थे. धरती से जुड़े, सरल लेकिन विचारों में अडिग डॉ राजेंद्र प्रसाद के शब्द आज भी देश को उत्तरदायित्व, त्याग एवं राष्ट्र धर्म का पाठ पढ़ाते हैं. नयी पीढ़ी राजेंद्र बाबू की विरासत से प्रेरणा ले तो भारत का भविष्य अधिक मजबूत, अधिक सजग एवं अधिक संवेदनशील होगा. विद्यालय के बच्चों ने भी इस मौके पर डॉ राजेंद्र प्रसाद की जीवनी सुनायी. वर्ग पांच से शांतनु ने उन्हें मेधावी बताया. वहीं वर्ग चार से अंशु ने उन्हें सेवा को सर्वोच्च मानने वाले महापुरुष की संज्ञा दी. वर्ग चार से ही गोविंद कुमार ने डॉ राजेंद्र प्रसाद को संविधान निर्माण तक हर मोर्चे पर देश का नेतृत्व देने वाला बताया. तो वर्ग सात से सत्यम कुमार ने डॉ प्रसाद को महात्मा गांधी का सबसे विश्वनीय साथी बताया. शिक्षक अमरेंद्र कुमार दास के संचालन में चले कार्यक्रम में शिक्षकों एवं बच्चों ने अपनी-अपनी बातें रखी.विज्ञापन
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