ePaper

खेल में हार-जीत नहीं, चुनौतियों को स्वीकार करना है महत्वपूर्ण : डॉ गुलरेज

Updated at : 20 Aug 2025 6:33 PM (IST)
विज्ञापन
खेल में हार-जीत नहीं, चुनौतियों को स्वीकार करना है महत्वपूर्ण : डॉ गुलरेज

राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय में बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर महाविद्यालय पुरूष-महिला बैडमिंटन प्रतियोगिता का बुधवार को उद्घाटन किया गया.

विज्ञापन

आरएम कॉलेज में अंतर महाविद्यालय पुरूष-महिला बैडमिंटन प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ

विश्वविद्यालय की नौ टीमें ले रही भाग

सहरसा. राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय में बीएन मंडल विश्वविद्यालय अंतर महाविद्यालय पुरूष-महिला बैडमिंटन प्रतियोगिता का बुधवार को उद्घाटन किया गया. प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के क्रीड़ा एवं संस्कृति परिषद के निदेशक डॉ मो अबूल फजल, उप निदेशक डॉ जेनैन्द्र कुमार, विश्वविद्यालय चयन समित सदस्य डॉ कपिलदेव पासवान, शशिकांत कुमार, प्रधानाचार्य प्रो डॉ गुलरेज रौशन रहमान, पूर्व प्रधानाचार्य डॉ ललित नारायण मिश्र, वर्शर डॉ राजीव कुमार झा, परीक्षा नियंत्रक डॉ अरुण कुमार झा, पूर्व निदेशक शारीरिक शिक्षा रेवती रमण, खेल प्रभारी आरएम कॉलेज अमित कुमार एवं सुनील कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. मंचासीन पदाधिकारियों ने औपचारिक रूप से बैडमिंटन खेलकर शुरूआत की. विश्वविद्यालय खेल निदेशक डॉ मो अबुल फजल ने कहा कि इस वर्ष कुलपति प्रो डॉ बीएस झा की अध्यक्षता में आयोजित क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद की वार्षिक बैठक में खेल से जुड़ी कई योजनाओं को स्वीकृति दी गयी है. इस सत्र में विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों को बैठक में स्वीकृत वार्षिक खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आयोजन करना है. उपनिदेशक डॉ जेनैन्द्र कुमार ने कहा कि आरएम कॉलेज हमारे विश्वविद्यालय की खेल गतिविधियों का आधार केंद्र है. कुलपति ने खिलाड़ियों का दैनिक भत्ता दोगुना कर दिया है. खेल के क्षेत्र में नये परिवर्तन के लिए क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद प्रतिबद्ध है. प्रधानाचार्य डॉ गुलरेज रौशन रहमान ने अपने संबोधन में खेल भावना पर अपने विचार रखे एवं खेल विद्या को खिलाड़ियों पर मां सरस्वती का आशीर्वाद बताया. उन्होंने कहा कि खेल में हार एवं जीत महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि चुनौतियों को स्वीकार करना एवं उसका अंतिम पल तक सामना करना महत्वपूर्ण है. जो चुनौतियों के समक्ष डटकर खड़ा रहता है, विजय उसी को प्राप्त होती है. डॉ ललित नारायण मिश्र ने अपने स्वागत भाषण में अतिथियों एवं विभिन्न महाविद्यालयों का प्रतिनिधित्व कर रहे टीम के कप्तानों एवं खिलाड़ियों का स्वागत करते कहा कि बैडमिंटन की शुरूआत भारत में ही महाराष्ट्र के पूणे शहर के नाम पर पुना नाम से ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों द्वारा की गयी थी. आज यह विश्व का महत्वपूर्ण ओलंपिक खेल बन गया है.

बीएन मंडल विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच यह आज इंडोर स्टेडियम खेल के रूप में काफी लोकप्रिय है. हमारे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अंतर विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त किये हैं. मंच संचालन डॉ अक्षय कुमार चौधरी ने किया. प्रतियोगिता में आरएम कॉलेज, एमएलटी कॉलेज, एसएनएसएसआरकेएस कॉलेज, टीपी कॉलेज मधेपुरा, पीएस कॉलेज मधेपुरा, बीएनएमवी कॉलेज साहुगढ़, बीएसएस कॉलेज सुपौल, पीजी लाइब्रेरी साइंस विभाग बीएनएमयू कुल नौ प्रतिभागी कॉलेज व विभाग भाग ले रहे हैं. खेल रेफरी के रूप में आरएम कॉलेज के पूर्व निदेशक रेवती रमण, खुर्शीद अंसारी, शीत कुमार एवं कृष्णा रहेंगे. मौके पर महाविद्यालय वरीय प्राध्यापक डॉ इंद्रकांत झा, डॉ आशुतोष झा, डॉ उर्मिला अरोड़ा, सुशील कुमार झा, डॉ कविता कुमारी, डॉ अमिष कुमार, डॉ मंसूर आलम, डॉ सुमंत राव, डॉ बिलो राम, डॉ शुभ्रा, डॉ अपर्णा, डॉ पिंकी, डॉ किरण मिश्रा, डॉ वीणा मिश्रा, डॉ लक्ष्मी कर्ण, डॉ कपाही, डॉ रमण, डॉ अरूण, डॉ पूजा, डॉ प्रीति, डॉ आलोक कुमार झा, नंद किशोर झा, रणधीर मिश्रा, हिफाजत, सुमित कुमार मिश्र, आलोक कुमार, सोहराब, शिवम, शाबीर, सुधाकांत झा, प्रमोद झा, रमण कुमार, उदय तिवारी, अरुण सिंह, महानंद मिश्र, हैदर सहित अन्य मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Dipankar Shriwastaw

लेखक के बारे में

By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन