एड्स कोई सामाजिक कलंक नहीं, एक चिकित्सकीय स्थिति

Updated:
विज्ञापन
एड्स कोई सामाजिक कलंक नहीं, एक चिकित्सकीय स्थिति

एड्स कोई सामाजिक कलंक नहीं, एक चिकित्सकीय स्थिति

विज्ञापन

समय पर परीक्षण, परामर्श और उपचार है अत्यंत आवश्यक विश्व एड्स दिवस पर निकाली गयी जागरूकता रैली सहरसा. विश्व एड्स दिवस के अवसर पर बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा जिला मुख्यालय स्थित मनोहर हाई स्कूल से लोगों को जागरूक करने के लिए रैली निकाली गयी. रैली को संचारी रोग पदाधिकारी डॉ सुशील कुमार आजाद ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर विद्यालय के छात्रों द्वारा रैली में एड्स से बचाव, उपचार तथा जागरूकता से संबंधित नारे लगाये व लोगों से इस बीमारी के प्रति संवेदनशील तथा सतर्क रहने की अपील की. रैली मनोहर हाई स्कूल बस स्टैंड, गंगजला चौक होते हुए सदर अस्पताल पहुंची. डॉ सुशील कुमार आजाद ने बताया कि इस रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों तक संदेश पहुंचाना है कि एड्स कोई सामाजिक कलंक नहीं, बल्कि एक चिकित्सकीय स्थिति है. जिसका समय पर परीक्षण, परामर्श और उपचार अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि गलत धारणाओं, भय और जानकारी के अभाव के कारण कई लोग जांच कराने और उपचार लेने में हिचकिचाते हैं. ऐसे कार्यक्रम के माध्यम से लोगों के मन से झिझक दूर होती है. उन्होंने बताया कि जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा साधन है. जिस समुदाय में जागरूकता अधिक होती है, वहां संक्रमण की दर कम पाई जाती है. इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वे स्वयं भी जांच कराये और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें. सदर अस्पताल स्थित समेकित परामर्श एवं जांच केंद्र के पर्यवेक्षक मनोज कुमार सिंह द्वारा जिले में एचआईवी की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया. अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक लोगों ने जांच करायी है, जो जागरूकता बढ़ने का संकेत है. रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 1913 पुरुष और 477 महिलाओं की काउंसिल व एचआईवी जांच की गयी. इनमें से 39 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाये गये. जिनमें 29 पुरुष और 10 महिला शामिल है. पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष महिलाओं में एचआईवी पॉजिटिव मामलों में कमी दर्ज की गयी है. जिसे स्वास्थ्य विभाग ने सकारात्मक संकेत बताया. रिपोर्ट के अनुसार सभी पॉजिटिव क्लाइंट्स को तुरंत एआरटी (एंटी-रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर से लिंक कर दिया गया है. सरकार एचआईवी प्रभावित लोगों के लिए कई योजनाएं चला रही है. जिनका उद्देश्य आर्थिक सहयोग, स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण प्रदान करना है. एआरटी से जुड़े एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाती है. इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित परामर्श, दवा उपलब्धता, पोषण सपोर्ट और मनोवैज्ञानिक सहयोग भी प्रदान किया जाता है. कैसे करें बचाव अधिकारियों ने बताया कि एचआईवी से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों को अपनाना चाहिए. सुरक्षित यौन संबंध बनाना ,नशीले पदार्थों का सेवन न करना, सुई या सीरिंज, ब्लेड या किसी भी धारदार वस्तु का साझा उपयोग न करें. समय-समय पर एचआईवी की जांच करायें, गर्भवती महिलाओं के लिए एचआईवी टेस्ट कराना अत्यंत आवश्यक है. जिससे बच्चे को संक्रमण से बचाया जा सके. मौके पर विद्यालय के प्राचार्य व शिक्षक आईसीटीसी के तकनीशियन योगेश प्रसाद दास व एनजीओ संचालिका रचना कुमारी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
दीपांकर श्रीवास्तव

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन