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17 साल बाद बांस की खेती पर फिर से दिया जा रहा अनुदान

Updated at : 18 Aug 2025 6:30 PM (IST)
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17 साल बाद बांस की खेती पर फिर से दिया जा रहा अनुदान

17 साल बाद बांस की खेती पर फिर से दिया जा रहा अनुदान

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अधिकतम 50 डिसमिल के लिए 50 प्रतिशत मिलेगा अनुदानजिले में 19 हेक्टेयर में बांस की खेती का है लक्ष्य सहरसा . पिछले 17 वर्ष बाद फिर से अनुदान पर बांस की खेती करने की योजना कृषि विभाग द्वारा जिले में आयी है. वित्तीय वर्ष 2007-08 के बाद अनुदान पर बांस की खेती करने की योजना को बंद कर दिया गया था. फिर से अनुदान पर बांस की खेती करने की योजना आने से जिला सहित बिहार राज्य के 31 जिले के किसान लाभान्वित होंगे. अनुदान पर बांस की खेती के लिए जिलेवार लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिले में 19 हेक्टेयर में बांस की खेती करने का किसानों के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है. उद्यान विभाग के नर्सरियों में आधा एकड़ में बांस की खेती करने का लक्ष्य मिला है. जिला उद्यान पदाधिकारी सह सहायक निदेशक उद्यान शैलेंद्र कुमार ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2007-08 के बाद फिर से बांस की खेती अनुदान पाकर किसान खेती कर सकेंगे. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत बंबू मिशन में जिले के किसानों के लिए अनुदान पर बांस की खेती के लिए विभाग ने 19 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके अलावा आधा एकड़ में बांस की खेती उद्यान विभाग खुद करेगी. उद्यान विभाग द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित नारियल बोर्ड, नवहट्टा व कहरा प्रखंड मुख्यालय स्थित विभाग की नर्सरी में बांस की खेती की जायेगी. उन्होंने कहा कि किसानों को प्रति हेक्टेयर एक लाख रुपये लागत मूल्य का 50 प्रतिशत यानी 50 हजार रुपये अनुदान मिलेगा. पहली किश्त की राशि के रूप से 50 हजार रुपये मिलेंगे. जांच के बाद मिलेगी दूसरी किश्त जिला उद्यान पदाधिकारी ने कहा कि दूसरे किश्त की अनुदान राशि देने से पहले विभागीय पदाधिकारियों से स्थलीय जांच कराते देखा जायेगा कि बांस लगे हैं या नहीं. बांस लगे मिलेंगे तो 30 प्रतिशत दूसरे किस्त की अनुदान राशि किसानों को दी जायेगी. बांस लगे नहीं मिलने पर दूसरे एवं तीसरी किस्त की राशि से किसान वंचित होंगे. अधिकतम 50 डिसमिल में मिलेगा अनुदान बांस की खेती के लिए न्यूनतम 10 डिसमिल के लिए अनुदान राशि किसान को मिलेगी. जबकि अधिकतम 50 डिसमिल में बांस की खेती के लिए अनुदान मिलेगा. इसके लिए इच्छुक किसानों को उद्यान विभाग के वेबसाइट पर जाकर बांस की खेती के अनुदान पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. कागजात के रूप में डीबीटी पंजी, जमीन की रसीद या एलपीसी आवेदन पत्र के साथ देना होगा. वहीं इसके लिए 78.56 प्रतिशत सामान्य, 20 प्रतिशत एससी एवं 1.44 प्रतिशत एसटी को बांस की खेती के लिए अनुदान देने का लक्ष्य रखा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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