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आरपीएफ की पाठशाला में ग्रामीणों को दी नसीहत

Updated at : 10 Sep 2024 6:01 PM (IST)
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आरपीएफ की पाठशाला में ग्रामीणों को दी नसीहत

आरपीएफ की पाठशाला में ग्रामीणों को दी नसीहत

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सहरसा से सुपौल सरायगढ़ के बीच रेलवे ट्रैक किनारे गांव में पहुंची आरपीएफ ,चलाया जागरूकता अभियान सहरसा. चेन पुलिंग के मामले हो या रन ओवर, मानसी-सहरसा रेलखंड पर यह मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. सिर्फ पिछले वर्ष ही 2023 में मानसी से सहरसा के बीच चेन पुलिंग मामले में 400 से अधिक की गिरफ्तारी हुई है. इसे रोकने के लिए मुख्यालय के निर्देश पर सभी आरपीएफ पोस्ट को अलर्ट किया गया है. वहीं आरपीएफ टीम रेलवे ट्रैक किनारे गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चला रही है. रेल अधिकारियों की मानें तो मानसी से सहरसा और सहरसा से सरायगढ़ के बीच रेलवे ट्रैक किनारे घनी आबादी के कई गांव बसे हुए हैं. कई बार बच्चे पतंग उड़ाते तो अनजाने में रेलवे ट्रैक पार कर जाते हैं या रेलवे ट्रैक पर खेलने लगते हैं. इसके अलावा कुछ शरारती बच्चे ट्रेन पर पत्थर बाजी भी करते हैं. ऐसे में ट्रेन परिचालन सेवा बाधित तो होती है, वहीं जान माल का भी खतरा बना हुआ रहता है. सहरसा आरपीएफ टीम इंस्पेक्टर वंदना कुमारी के नेतृत्व में लगातार गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चला रही है. इसी अभियान के तहत सहरसा-सुपौल-सरायगढ़ के बीच रेलवे ट्रैक किनारे आसपास के गांव में आरपीएफ इंस्पेक्टर वंदना कुमारी और सब इंस्पेक्टर सुजीत कुमार मिश्रा के नेतृत्व में आरपीएफ की टीम ने जागरूकता अभियान चलाया. जहां ग्रामीणों को जागरूक किया गया. आरपीएफ ने ग्रामीणों को चेन पुलिंग नहीं करने की हिदायत दी. वहीं बच्चों को रेलवे ट्रैक के पास मैदान में खेलने से जाने के लिए भी मनाही की. खासकर बच्चों को रेलवे ट्रैक के पास जाने से रोकने के लिए अब आरपीएफ टीम रेलवे ट्रैक किनारे बसे गांव के स्कूल में जाकर बच्चों को रेलवे ट्रैक के किनारे खेलने कूदने से मना करेगी. इसके लिए विद्यालय की सूची तैयार कर ली गयी है. बच्चों को पढ़ाई के साथ सुरक्षा के नियम भी बताये जायेंगे. ताकि बच्चे सजग हो सके. वहीं बुधवार को जागरूकता अभियान में मवेशियों को रेलवे ट्रैक पार नहीं करने की ग्रामीणों को सलाह दी गयी. इसके अलावा ट्रेन पर पत्थर नहीं फेंकने की अपील की गयी. वहीं टीम ने बच्चों को रेलवे ट्रैक किनारे पतंग नहीं उड़ने की अपील की. जागरूकता अभियान में बताया गया कि कई बार पतंग की डोर इंजन में फंस जाती है. जिससे रेल परिचालन भी बाधित होता है और दुर्घटना के संभावना भी बढ़ जाती है. आरपीएफ की ग्रामीणों से अपील – चलती ट्रेन में नहीं चढ़े और उतरे – पायदान पकड़ कर यात्रा नहीं करें – हमेशा पार फाटक का प्रयोग करें – मवेशी को रेलवे ट्रैक के पास चरने से रोके – बच्चों को रेलवे ट्रैक यह उसके आसपास जाने और खेलने से रोके – ट्रेनों पर पत्थरबाजी ना करें

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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