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मीमांसा दर्शन में माहिष्मती की पांडित्य परंपरा मंडन व मुरारी विषय पर होगी संगोष्ठी

Updated at : 22 Sep 2025 5:49 PM (IST)
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मीमांसा दर्शन में माहिष्मती की पांडित्य परंपरा मंडन व मुरारी विषय पर होगी संगोष्ठी

मीमांसा दर्शन में माहिष्मती की पांडित्य परंपरा मंडन व मुरारी विषय पर होगी संगोष्ठी

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श्री उग्रतारा महोत्सव के संगोष्ठी को लेकर दर्जनों विद्वान आमंत्रित, 24 व 25 को होगा संगोष्ठी सहरसा . श्री उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव के सेमिनार व वाद-विवाद कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ विद्वानों से संगोष्ठी में भाग लेने की स्वीकृति प्राप्त कर कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली गयी है. जिला कला, संस्कृति व पर्यटन पदाधिकारी स्नेहा झा ने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन कोसी प्रमंडल के आयुक्त व पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार करेंगे. सेमिनार समिति के संयोजक, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मृत्यंजय कुमार ने बताया कि बिहार सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा प्रायोजित यह कार्यक्रम दो दिवसीय होगा. इसमें केन्द्रीय विश्वविद्यालय जग्गनाथपूरी के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ उदयनाथ झा अशोक, दिल्ली विश्वविद्यालय से डॉ पंकज कुमार मिश्र, लाल बहादुर शास्त्री केन्द्रीय संस्कृत विद्यापीठ नई दिल्ली से डॉ सुमन कुमार झा, केन्द्रीय विश्वविद्यालय दक्षिण बिहार गयाजी से डॉ सुमित कुमार पाठक, पटना से धर्मायण पत्रिका के संपादक पंडित भवनाथ झा, कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा के स्नातकोत्तर वेद विभागाध्यक्ष डॉ ध्रुव मिश्र एवं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो डॉ देवनारायण झा अपने विचार प्रस्तुत करेंगे. स्थानीय विद्वानों में संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा के पूर्व कुलसचिव डॉ शक्तिनाथ झा, राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर राम चैतन्य धीरज, उग्रतारा भारती मंडन संस्कृत महाविद्यालय के वेद विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ आनंद दत्त झा भाग लेंगे. सेमिनार एवं वाद-विवाद समिति के कार्यकारी संयोजक डॉ अक्षय कुमार चौधरी ने बताया कि इस वर्ष संगोष्ठी का मुख्य विषय मीमांसा दर्शन में माहिष्मती की पांडित्य परंपरा मंडन एवं मुरारी है. जिसमें उपविषय के रूप में श्री उग्रतारा के पुरातात्त्विक, धार्मिक एवं दार्शनिक महत्व, पंडित मंडन मिश्र द्वारा प्रतिपादित मीमांसा के सिद्धांतों एवं माहिष्मती की पांडित्य परंपरा में पंडित मुरारी मिश्र के योगदानों पर परिचर्चा होगी. कार्यक्रम महोत्सव के दूसरे एवं तीसरे दिन 24 एवं 25 सितंबर को 10 बजे पूर्वाह्न से 3 बजे अपराह्न तक भारती मंडन धाम महिषी के प्रांगण में आयोजित होगा. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, बच्चों के वेदपाठ, संकलित शोध-पत्रों की स्मारिका धरोहर के अनावरण एवं विषय-विशेषज्ञ विद्वानों के आलेख की प्रस्तुति से होगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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