सजा जिस्म का बाजार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :24 Mar 2017 4:52 AM (IST)
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मुस्कान की बरामदगी के तीन दिन बाद फिर शुरू हुई मंडी रिहाइशी मोहल्ले में वेश्यावृति से शर्मिंदा है समाज पुलिस रेड के बाद दो दिनों तक छाया था सन्नाटा सहरसा : तीन दिन पूर्व शहर के रिहाइशी कॉलनी के बीच अवैध रुप से संचालित रेड लाइट एरिया से मुस्कान की बरामदगी के बाद हुई पुलिसिया […]
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मुस्कान की बरामदगी के तीन दिन बाद फिर शुरू हुई मंडी
रिहाइशी मोहल्ले में वेश्यावृति से शर्मिंदा है समाज
पुलिस रेड के बाद दो दिनों तक छाया था सन्नाटा
सहरसा : तीन दिन पूर्व शहर के रिहाइशी कॉलनी के बीच अवैध रुप से संचालित रेड लाइट एरिया से मुस्कान की बरामदगी के बाद हुई पुलिसिया छापेमारी के बाद खाली वेश्यावृति का अड्डा एक बार फिर गुलजार हो गया है. सहरसा-सिमरी बख्तियारपुर मार्ग अवस्थित वार्ड नंबर 26 की सड़कों पर गुरुवार की सुबह जिस्म बेचने की कवायद शुरु हो गयी है. स्थानीय मोहल्ले में रहने वाले लोगों खासकर बहु-बेटियों का एक बार फिर घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.
मोहल्ले की सड़कों पर ग्राहकों को लुभाती सेक्स वर्कर व जिस्म के कद्रदानों का मजमा लगना शुरू हो गया है. जिला मुख्यालय में रहने वाले सभ्य समाज के लोग पुन: शर्मिंदगी की चादर ओढ़ घरों में कैद हो गये हैं. इसके बावजूद प्रशासनिक महकमे में शहर की इन बदनाम गलियों को जड़ से समाप्त करने की कवायद नहीं की जा रही है.
सौ के करीब सेक्स वर्कर हैं सक्रिय: पुराने समय का खैरपुर का नाम खिरीयाही मोहल्ले के रुप में चर्चित हुआ. जिसे बाद में समाज के लोगों ने परिवर्तन नगर का नाम दिया. इस मोहल्ले की तंग गलियों में सौ से अधिक सेक्स वर्कर इन दिनों सक्रिय है. जबकि मोहल्ले के चारों तरफ रिहाइशी आवास बने हुए हैं. शुरुआती दौर में नाच गाना कर लोगों का मनोरंजन करने के उद्देश्य से बसे लोग वेश्यावृति के पुरोधा बन चुके हैं.
ऐशो आराम की सभी व्यवस्था: सस्ते दरों पर उपलब्ध सेक्स वर्कर सड़क किनारे सज संवर कर दिन निकलते ही खड़ी हो जाती है. जबकि महंगे ऐशो आराम के शौकीन लोगों को मोहल्ले की तंग गलियों में आमंत्रित किया जाता है. उन ठिकानों पर शराब व कबाब के साथ वातानुकूलित कमरों में शबाब की बोली लगायी जाती है. खास बात यह है कि इन बदनाम गलियों से शहर को मुक्त करने की योजना कई बार बनी है. लेकिन इन लोगों के रसूख के सामने जनता की मांगों को दबा दिया जाता है.
माता-बहनों के लिए शामत
इस मोहल्ले में रहने वाले सभ्य समाज के लोग अपने संबंधियों को घर का पता बताने भी संकोच करते हैं. लोग बताते हैं कि मोहल्ले की माता-बहनें घरों से बाहर निकलने में भी परहेज करती है. रेडलाइट एरिया से गुजरने पर सेक्स वर्कर व उचक्के फब्तियां भी कसने से बाज नहीं आते हैं. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई करने की मांग की है.
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